बाल मनोविज्ञान एवं शिक्षा शास्त्र ✍️ अध्याय-6: अधिगम के सिद्धांत
Sunil Yadavबुधवार, सितंबर 30, 2026
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अध्याय 6
अधिगम के सिद्धांत
UP SuperTET • बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ • Complete Notes & Practice Tests
📘 अध्याय परिचय
अधिगम के सिद्धांत बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ का एक महत्वपूर्ण विषय है। अधिगम किस प्रकार होता है, व्यक्ति किस प्रकार प्रतिक्रिया करना सीखता है और अभ्यास, वातावरण तथा पुनर्बलन सीखने को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसे समझने के लिए विभिन्न अधिगम सिद्धांतों का अध्ययन किया जाता है।
परीक्षा के लिए विशेष: थॉर्नडाइक के अधिगम के नियम, पावलॉव का शास्त्रीय अनुबंधन, स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन, पुनर्बलन, अभ्यास और अधिगम से संबंधित प्रमुख अवधारणाएँ परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
1 अधिगम के सिद्धांत का अर्थ
अधिगम के सिद्धांत वे व्यवस्थित विचार एवं नियम हैं जिनके माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाता है कि व्यक्ति किस प्रकार सीखता है और अनुभव, अभ्यास, वातावरण तथा व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों का अधिगम से क्या संबंध है।
विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने अधिगम की प्रक्रिया को समझाने के लिए अलग-अलग सिद्धांत प्रस्तुत किए। इनमें थॉर्नडाइक, पावलॉव और स्किनर के सिद्धांत शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षाओं में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
सरल शब्दों में: अधिगम के सिद्धांत यह समझाने में सहायता करते हैं कि सीखना किस प्रकार होता है और किन परिस्थितियों में सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।
2 थॉर्नडाइक का प्रयास एवं भूल सिद्धांत
एडवर्ड एल. थॉर्नडाइक ने अधिगम को समझाने के लिए प्रयास एवं भूल सिद्धांत प्रस्तुत किया। इस सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति किसी समस्या को हल करने के लिए कई प्रयास करता है और धीरे-धीरे उचित प्रतिक्रिया सीख लेता है।
असफल प्रतिक्रियाएँ धीरे-धीरे कम होती जाती हैं और सफल प्रतिक्रिया मजबूत होती जाती है। अभ्यास और परिणाम अधिगम की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
परीक्षा बिंदु: थॉर्नडाइक का सिद्धांत प्रयास एवं भूल तथा संबंधवाद से संबंधित माना जाता है।
3 थॉर्नडाइक के प्रमुख अधिगम नियम
अभ्यास का नियम
अभ्यास और पुनरावृत्ति से सीखी गई प्रतिक्रिया या संबंध मजबूत हो सकता है। नियमित अभ्यास सीखने को सुदृढ़ करने में सहायता करता है।
प्रभाव का नियम
जिस प्रतिक्रिया के बाद संतोषजनक परिणाम मिलता है, उसके दोबारा होने की संभावना बढ़ सकती है। असंतोषजनक परिणाम वाली प्रतिक्रिया कमजोर हो सकती है।
तत्परता का नियम
जब व्यक्ति किसी कार्य के लिए मानसिक एवं शारीरिक रूप से तैयार होता है, तब सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज हो सकती है।
4 पावलॉव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत
इवान पावलॉव ने शास्त्रीय अनुबंधन के माध्यम से यह समझाया कि एक उत्तेजना को दूसरी प्राकृतिक उत्तेजना के साथ बार-बार जोड़ने पर व्यक्ति या जीव एक नई प्रतिक्रिया सीख सकता है।
इस सिद्धांत में उत्तेजना और प्रतिक्रिया के बीच संबंध महत्वपूर्ण माना जाता है। बार-बार संबंध स्थापित होने से एक ऐसी उत्तेजना भी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकती है जो पहले उस प्रतिक्रिया से संबंधित नहीं थी।
परीक्षा बिंदु: पावलॉव का सिद्धांत सामान्यतः शास्त्रीय अनुबंधन या Classical Conditioning से संबंधित है।
5 पावलॉव के सिद्धांत की प्रमुख अवधारणाएँ
प्राकृतिक/अनानुबंधित उत्तेजना: ऐसी उत्तेजना जो स्वाभाविक रूप से प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है।
अनानुबंधित प्रतिक्रिया: प्राकृतिक उत्तेजना के प्रति स्वाभाविक प्रतिक्रिया।
अनुबंधित उत्तेजना: ऐसी पूर्व में तटस्थ उत्तेजना जो प्रशिक्षण के बाद प्रतिक्रिया उत्पन्न करने लगती है।
अनुबंधित प्रतिक्रिया: अनुबंधित उत्तेजना के प्रति सीखी गई प्रतिक्रिया।
अनुबंधन: दो उत्तेजनाओं के बीच सीखे गए संबंध की प्रक्रिया।
6 स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन
बी. एफ. स्किनर ने क्रियाप्रसूत अनुबंधन के माध्यम से व्यवहार और उसके परिणाम के बीच संबंध को समझाया। व्यक्ति के व्यवहार के बाद मिलने वाला परिणाम भविष्य में उस व्यवहार की संभावना को प्रभावित कर सकता है।
शिक्षण में सही उत्तर या उचित व्यवहार के बाद सकारात्मक प्रतिक्रिया, प्रशंसा या अन्य उपयुक्त पुनर्बलन विद्यार्थी को उस व्यवहार को दोहराने के लिए प्रेरित कर सकता है।
परीक्षा बिंदु: स्किनर का सिद्धांत क्रियाप्रसूत अनुबंधन और पुनर्बलन से विशेष रूप से संबंधित है।
7 पुनर्बलन का अर्थ
पुनर्बलन ऐसी प्रक्रिया है जो किसी व्यवहार या प्रतिक्रिया के दोबारा होने की संभावना को बढ़ाने में सहायता करती है। शिक्षण में उचित पुनर्बलन विद्यार्थी के सीखने और वांछित व्यवहार को मजबूत करने में उपयोगी हो सकता है।
प्रकार
अर्थ
सकारात्मक पुनर्बलन
वांछित व्यवहार के बाद सुखद या प्रोत्साहक परिणाम देना।
नकारात्मक पुनर्बलन
वांछित व्यवहार के बाद किसी अप्रिय स्थिति को हटाना या कम करना।
महत्वपूर्ण: नकारात्मक पुनर्बलन का अर्थ दंड देना नहीं है। पुनर्बलन का उद्देश्य व्यवहार की संभावना को बढ़ाना होता है।
8 दंड और पुनर्बलन में अंतर
दंड और पुनर्बलन एक ही अवधारणा नहीं हैं। पुनर्बलन का उद्देश्य किसी व्यवहार की पुनरावृत्ति की संभावना बढ़ाना होता है, जबकि दंड का उद्देश्य किसी व्यवहार की पुनरावृत्ति की संभावना कम करना होता है।
पुनर्बलन
दंड
व्यवहार को मजबूत करने का प्रयास
व्यवहार को कम करने का प्रयास
वांछित प्रतिक्रिया को बढ़ावा देता है
अनुचित प्रतिक्रिया को कम करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है
9 अधिगम में अभ्यास की भूमिका
अभ्यास अधिगम के विभिन्न सिद्धांतों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। बार-बार अभ्यास करने से व्यक्ति किसी कार्य में अधिक दक्ष हो सकता है और सीखी गई प्रतिक्रिया मजबूत हो सकती है।
नियमित अभ्यास से कौशल में सुधार हो सकता है।
पुनरावृत्ति से सीखी गई जानकारी को मजबूत किया जा सकता है।
अभ्यास विद्यार्थी को आत्मविश्वास विकसित करने में सहायता कर सकता है।
अभ्यास के साथ उचित प्रतिक्रिया और सुधार भी आवश्यक है।
10 तत्परता और अधिगम
तत्परता का अर्थ है किसी कार्य या सीखने के लिए विद्यार्थी की मानसिक एवं शारीरिक तैयारी। यदि विद्यार्थी सीखने के लिए तैयार और रुचि रखने वाला है, तो शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।
शिक्षक के लिए: विद्यार्थियों की तैयारी, रुचि और पूर्व ज्ञान को ध्यान में रखकर शिक्षण गतिविधियाँ आयोजित करना उपयोगी होता है।
11 सिद्धांतों का शिक्षण में उपयोग
विद्यार्थियों को पर्याप्त अभ्यास के अवसर देना।
सही उत्तर पर उचित प्रतिक्रिया देना।
उपयुक्त व्यवहार को प्रोत्साहित करना।
विद्यार्थियों की तत्परता और पूर्व अनुभव को ध्यान में रखना।
सीखने के लिए सकारात्मक कक्षा वातावरण बनाना।
छोटे-छोटे चरणों में सीखने के अवसर देना।
विद्यार्थियों को अपनी गलतियों से सीखने का अवसर देना।
12 प्रमुख सिद्धांतों की तुलना
मनोवैज्ञानिक
प्रमुख सिद्धांत
मुख्य अवधारणा
थॉर्नडाइक
प्रयास एवं भूल
अभ्यास, प्रभाव और तत्परता
पावलॉव
शास्त्रीय अनुबंधन
उत्तेजना और प्रतिक्रिया का संबंध
स्किनर
क्रियाप्रसूत अनुबंधन
व्यवहार और परिणाम, पुनर्बलन
13 अधिगम सिद्धांत और विद्यार्थी
अधिगम के सिद्धांतों का अध्ययन शिक्षक को विद्यार्थियों के व्यवहार और सीखने की प्रक्रिया को समझने में सहायता करता है। सभी विद्यार्थी समान तरीके से नहीं सीखते, इसलिए शिक्षण में विभिन्न गतिविधियों और उपयुक्त रणनीतियों का प्रयोग किया जा सकता है।
🧠 सीखने में सक्रिय सहभागिता
🔁 नियमित अभ्यास
🎯 उचित अभिप्रेरणा
💬 समय पर प्रतिक्रिया
📚 उपयुक्त शिक्षण सामग्री
🏫 सहयोगी कक्षा वातावरण
14 शिक्षक की भूमिका
अधिगम सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षक को केवल जानकारी देने वाले व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने वाले मार्गदर्शक के रूप में कार्य करना चाहिए।
अभ्यास और पुनरावृत्ति के अवसर देना।
विद्यार्थियों को उचित feedback देना।
सफल प्रयासों को प्रोत्साहित करना।
विद्यार्थियों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं को समझना।
उचित शिक्षण विधि का चयन करना।
सीखने के लिए सुरक्षित और सहयोगी वातावरण बनाना।
15 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
थॉर्नडाइक → प्रयास एवं भूल, संबंधवाद, अभ्यास का नियम, प्रभाव का नियम, तत्परता का नियम
पावलॉव → शास्त्रीय अनुबंधन, उत्तेजना-प्रतिक्रिया संबंध
स्किनर → क्रियाप्रसूत अनुबंधन, पुनर्बलन, व्यवहार और परिणाम
अभ्यास → सीखने और कौशल को मजबूत करने में सहायता करता है।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति
थॉर्नडाइक = प्रयास एवं भूल सिद्धांत
थॉर्नडाइक = अभ्यास, प्रभाव और तत्परता के नियम
पावलॉव = शास्त्रीय अनुबंधन
पावलॉव = उत्तेजना और प्रतिक्रिया का संबंध
स्किनर = क्रियाप्रसूत अनुबंधन
स्किनर = पुनर्बलन और व्यवहार के परिणाम
अभ्यास सीखने को मजबूत करने में सहायक है
पुनर्बलन व्यवहार की पुनरावृत्ति की संभावना बढ़ा सकता है
🧠 Practice Test – 1
अध्याय 6 — अधिगम के सिद्धांत
15 प्रश्न
45 अंक
+3 / −1
15 मिनट
प्रश्न 1 / 15
15:00
प्रश्न का समय: 60s
प्रश्न 1
प्रयास एवं भूल सिद्धांत किस मनोवैज्ञानिक से संबंधित है?
Aथॉर्नडाइक
Bपावलॉव
Cस्किनर
Dकोहल्बर्ग
प्रश्न 2
थॉर्नडाइक के किस नियम में अभ्यास और पुनरावृत्ति का महत्व बताया गया है?
Aअभ्यास का नियम
Bप्रभाव का नियम
Cतत्परता का नियम
Dस्मृति का नियम
प्रश्न 3
थॉर्नडाइक के प्रभाव के नियम का संबंध किससे है?
Aव्यवहार के परिणाम से
Bकेवल शारीरिक वृद्धि से
Cकेवल आयु से
Dकेवल बुद्धि से
प्रश्न 4
थॉर्नडाइक के तत्परता के नियम में किस बात पर जोर दिया गया है?
Aसीखने के लिए मानसिक एवं शारीरिक तैयारी
Bकेवल परीक्षा का समय
Cकेवल खेल गतिविधि
Dकेवल गृहकार्य
प्रश्न 5
शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत किससे संबंधित है?
Aपावलॉव
Bथॉर्नडाइक
Cस्किनर
Dपियाजे
प्रश्न 6
पावलॉव के सिद्धांत में मुख्य रूप से किसके बीच संबंध स्थापित होता है?
Aउत्तेजना और प्रतिक्रिया
Bकेवल बुद्धि और स्मृति
Cकेवल आयु और ऊँचाई
Dकेवल रुचि और खेल
प्रश्न 7
क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत किस मनोवैज्ञानिक से संबंधित है?
Aस्किनर
Bपावलॉव
Cथॉर्नडाइक
Dवाइगोत्स्की
प्रश्न 8
स्किनर के सिद्धांत में किस अवधारणा का विशेष महत्व है?
Aपुनर्बलन
Bकेवल परिपक्वता
Cकेवल शारीरिक विकास
Dकेवल भाषा विकास
प्रश्न 9
पुनर्बलन का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
Aव्यवहार की पुनरावृत्ति की संभावना बढ़ाना
Bहर व्यवहार को रोकना
Cविद्यार्थी को निष्क्रिय बनाना
Dकेवल दंड देना
प्रश्न 10
अभ्यास का अधिगम में क्या महत्व है?
Aसीखी गई प्रतिक्रिया और कौशल को मजबूत करने में सहायता करता है
Bअधिगम को रोकता है
Cकेवल परीक्षा के दिन उपयोगी है
Dइसका अधिगम से कोई संबंध नहीं
प्रश्न 11
नकारात्मक पुनर्बलन का सही अर्थ क्या है?
Aवांछित व्यवहार के बाद अप्रिय स्थिति को हटाना या कम करना
Bविद्यार्थी को दंड देना
Cसीखने को बंद करना
Dकिसी भी व्यवहार को समाप्त करना
प्रश्न 12
थॉर्नडाइक के सिद्धांत में कौन-सा नियम प्रमुख है?
Aप्रभाव का नियम
Bअवलोकन का नियम
Cसंज्ञान का नियम
Dभाषा का नियम
प्रश्न 13
यदि विद्यार्थी सीखने के लिए तैयार है, तो यह किस अवधारणा से संबंधित है?
Aतत्परता
Bदंड
Cविस्मरण
Dनिष्क्रियता
प्रश्न 14
शिक्षक द्वारा सही उत्तर पर उचित प्रशंसा देना किससे संबंधित हो सकता है?
Aसकारात्मक पुनर्बलन
Bनकारात्मक दंड
Cपरिपक्वता
Dविस्मरण
प्रश्न 15
पावलॉव का अधिगम सिद्धांत किस नाम से जाना जाता है?
Aशास्त्रीय अनुबंधन
Bप्रयास एवं भूल
Cक्रियाप्रसूत अनुबंधन
Dअंतर्दृष्टि अधिगम
🎯 Practice Test – 2
अध्याय 6 — अधिगम के सिद्धांत
15 प्रश्न
45 अंक
+3 / −1
15 मिनट
प्रश्न 1 / 15
15:00
प्रश्न का समय: 60s
प्रश्न 1
थॉर्नडाइक का अधिगम सिद्धांत किस नाम से जाना जाता है?
Aप्रयास एवं भूल सिद्धांत
Bशास्त्रीय अनुबंधन
Cक्रियाप्रसूत अनुबंधन
Dअंतर्दृष्टि सिद्धांत
प्रश्न 2
अभ्यास के कारण सीखने में क्या परिवर्तन हो सकता है?
Aसीखी गई प्रतिक्रिया मजबूत हो सकती है
Bअधिगम पूरी तरह समाप्त हो जाता है
Cविद्यार्थी सीखना बंद कर देता है
Dकेवल शारीरिक वृद्धि होती है
प्रश्न 3
किस नियम के अनुसार संतोषजनक परिणाम वाली प्रतिक्रिया मजबूत हो सकती है?
Aप्रभाव का नियम
Bतत्परता का नियम
Cस्मृति का नियम
Dभाषा का नियम
प्रश्न 4
पावलॉव का सिद्धांत किस प्रकार के अनुबंधन पर आधारित है?
Aशास्त्रीय अनुबंधन
Bक्रियाप्रसूत अनुबंधन
Cप्रयास एवं भूल
Dअंतर्दृष्टि
प्रश्न 5
पावलॉव के सिद्धांत में अनुबंधित उत्तेजना क्या है?
Aप्रशिक्षण के बाद प्रतिक्रिया उत्पन्न करने वाली सीखी हुई उत्तेजना
Bकेवल प्राकृतिक प्रतिक्रिया
Cकेवल शारीरिक वृद्धि
Dकेवल जैविक प्रक्रिया
प्रश्न 6
स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन में व्यवहार को प्रभावित करने वाला प्रमुख तत्व क्या है?
Aव्यवहार का परिणाम
Bकेवल आयु
Cकेवल ऊँचाई
Dकेवल जन्मजात विशेषताएँ
प्रश्न 7
विद्यार्थी के सही उत्तर पर प्रशंसा देना किसका उदाहरण है?
Aसकारात्मक पुनर्बलन
Bदंड
Cविस्मरण
Dपरिपक्वता
प्रश्न 8
नकारात्मक पुनर्बलन और दंड में मुख्य अंतर क्या है?
Aनकारात्मक पुनर्बलन व्यवहार को मजबूत कर सकता है, जबकि दंड व्यवहार को कम करने के लिए होता है
Bदोनों हमेशा एक ही होते हैं
Cदंड हमेशा व्यवहार को बढ़ाता है
Dनकारात्मक पुनर्बलन का अधिगम से कोई संबंध नहीं
प्रश्न 9
तत्परता का संबंध किससे है?
Aसीखने के लिए मानसिक एवं शारीरिक तैयारी
Bकेवल खेल के समय
Cकेवल परीक्षा परिणाम
Dकेवल गृहकार्य
प्रश्न 10
शिक्षक को अधिगम सिद्धांतों का ज्ञान क्यों होना चाहिए?
Aसीखने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने और शिक्षण को व्यवस्थित करने के लिए
Bकेवल परीक्षा लेने के लिए
Cकेवल अनुशासन बनाए रखने के लिए
Dकेवल अंक देने के लिए
प्रश्न 11
प्रयास एवं भूल सिद्धांत में सफल प्रतिक्रिया का क्या होता है?
Aसफल प्रतिक्रिया धीरे-धीरे मजबूत हो सकती है
Bसफल प्रतिक्रिया हमेशा समाप्त हो जाती है
Cउसका अधिगम से कोई संबंध नहीं
Dवह केवल जन्मजात होती है
प्रश्न 12
स्किनर का सिद्धांत किस बात पर विशेष जोर देता है?
Aव्यवहार और उसके परिणाम के संबंध पर
Bकेवल जैविक वृद्धि पर
Cकेवल भाषा पर
Dकेवल परिपक्वता पर
प्रश्न 13
अधिगम सिद्धांतों के अनुसार शिक्षक को विद्यार्थियों को क्या देना चाहिए?
Aअभ्यास, प्रतिक्रिया और उचित प्रोत्साहन के अवसर
Bकेवल दंड
Cकेवल गृहकार्य
Dकेवल मौखिक परीक्षा
प्रश्न 14
थॉर्नडाइक, पावलॉव और स्किनर के सिद्धांतों में सामान्य रूप से किस विषय का अध्ययन किया जाता है?
Aअधिगम और व्यवहार
Bकेवल शारीरिक वृद्धि
Cकेवल भाषा व्याकरण
Dकेवल सामाजिक इतिहास
प्रश्न 15
अधिगम को प्रभावी बनाने के लिए सबसे उपयुक्त दृष्टिकोण कौन-सा है?
Aअभ्यास, उचित प्रतिक्रिया, पुनर्बलन और विद्यार्थी की तत्परता को ध्यान में रखना
Bकेवल रटने पर जोर देना
Cसभी विद्यार्थियों को बिल्कुल समान तरीके से पढ़ाना
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