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Class 12th Chemistry Chapter-3 : रासायनिक बलगतिक (Chemical Kinetics)

कक्षा 12 रसायन विज्ञान सत्र 2026-27 NCERT पैटर्न पर आधारित
— CHAPTER 03 —

रासायनिक बलगतिकी

(Chemical Kinetics)

अभिक्रिया का वेग
📊 कोटि एवं आणविकता
शून्य & प्रथम कोटि व्यंजक
🔥 अर्हेनियस समीकरण
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🧪 टॉपिक 1: रासायनिक अभिक्रिया का वेग (दर), औसत एवं तात्क्षणिक वेग (Rate of Chemical Reaction)

📌 1. रासायनिक अभिक्रिया का वेग (Rate of Chemical Reaction)

इकाई समय (Unit Time) में किसी अभिकारक (Reactant) या उत्पाद (Product) की सांद्रता में होने वाले परिवर्तन को अभिक्रिया का वेग (या दर) कहते हैं।

मुख्य सूत्र (General Formula):
अभिक्रिया का वेग = (सांद्रता में परिवर्तन) / (समय अंतराल)
विलयन अवस्था हेतु मात्रक: mol L-1 s-1 (या mol L-1 min-1)
गैसीय अवस्था हेतु मात्रक: atm s-1 या bar s-1

⏱️ 2. औसत वेग (ravg) एवं तात्क्षणिक वेग (rinst)

(A) औसत वेग (Average Rate - ravg):
किसी निश्चित समयांतराल (Δt) में अभिकारक या उत्पाद की सांद्रता में परिवर्तन को औसत वेग कहते हैं।
ravg = - (Δ[R] / Δt) = + (Δ[P] / Δt)
(B) तात्क्षणिक वेग (Instantaneous Rate - rinst):
किसी विशेष क्षण (At a particular instant 't', जहाँ Δt → 0) पर अभिक्रिया के वेग को तात्क्षणिक वेग कहते हैं।
rinst = - (d[R] / dt) = + (d[P] / dt)
विशेष ध्यान दें: सूत्र में ऋणात्मक (-) चिह्न यह दर्शाता है कि समय के साथ अभिकारक की सांद्रता घटती है। चूंकि वेग सदैव धनात्मक होता है, इसलिए (-) चिह्न लगाया जाता है।

📐 3. रससमीकरणमितीय (Stoichiometric) संबंध एवं दर व्यंजक

माना एक सामान्य अभिक्रिया: a A + b B → c C + d D है, तो इसके लिए अभिक्रिया का वेग:

अभिक्रिया दर (Rate) = - 1/a (d[A]/dt) = - 1/b (d[B]/dt) = + 1/c (d[C]/dt) = + 1/d (d[D]/dt)
A के विलुप्त (घटने) होने की दर: - (d[A]/dt)
C के बनने (वृद्धि) की दर: + (d[C]/dt)

🌡️ 4. अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

  • 1. अभिकारकों की सांद्रता (Concentration): अभिकारकों की सांद्रता बढ़ाने पर प्रति इकाई आयतन टकराने वाले अणुओं की संख्या बढ़ती है, जिससे वेग बढ़ता है।
  • 2. ताप का प्रभाव (Temperature): ताप बढ़ाने से कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है। प्रायः 10°C ताप बढ़ाने पर वेग 2 से 3 गुना हो जाता है।
  • 3. उत्प्रेरक (Catalyst): उत्प्रेरक अभिक्रिया के वैकल्पिक पथ को प्रस्तुत करता है और सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy, Ea) को घटाकर वेग बढ़ाता है।
  • 4. पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface Area): ठोस अभिकारकों का पृष्ठीय क्षेत्रफल अधिक होने (बारीक चूर्ण रूप में) पर वेग अधिक होता है।
  • 5. प्रकाश का प्रभाव (Radiation/Light): कुछ प्रकाश-रासायनिक अभिक्रियाएँ (जैसे Photosynthesis या H2 + Cl2 → 2HCl) केवल प्रकाश की उपस्थिति में ही तीव्र वेग से होती हैं।

🔥 बोर्ड परीक्षा प्रश्न एवं आंकिक प्रश्न (Board Special Numericals)

प्रश्न 1 (आंकिक): अभिक्रिया R → P के लिए अभिकारक की सांद्रता 0.03 M से घटकर 25 मिनट में 0.02 M हो जाती है। औसत वेग की गणना मिनट तथा सेकंड दोनों में कीजिए।
हल:
• Δ[R] = [R]2 - [R]1 = 0.02 - 0.03 = -0.01 M
• Δt = 25 मिनट = 25 × 60 = 1500 सेकंड
(i) मिनट में: ravg = - (-0.01 / 25) = 4 × 10-4 mol L-1 min-1
(ii) सेकंड में: ravg = - (-0.01 / 1500) = 6.67 × 10-6 mol L-1 s-1
प्रश्न 2 (आंकिक): अभिक्रिया 2N2O5 (g) → 4NO2 (g) + O2 (g) में NO2 के निर्माण की दर 0.008 mol L-1 s-1 है। N2O5 के विलुप्त होने की दर ज्ञात कीजिए।
हल:
• रससमीकरणमितीय संबंध: - 1/2 (d[N2O5]/dt) = + 1/4 (d[NO2]/dt)
• N2O5 के विलुप्त होने की दर - (d[N2O5]/dt) = (2 / 4) × (d[NO2]/dt)
• = (1 / 2) × 0.008 = 0.004 mol L-1 s-1
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टॉपिक 2: वेग नियम, विशिष्ट वेग स्थिरांक, अभिक्रिया की कोटि एवं आणविकता (Rate Law, Order & Molecularity)

📌 1. वेग नियम (Rate Law) एवं विशिष्ट वेग स्थिरांक (k)

वह गणितीय व्यंजक जो प्रयोगों द्वारा निर्धारित अभिकारकों की मोलर सांद्रता के पदों में अभिक्रिया के वेग को व्यक्त करता है, वेग नियम (Rate Law) कहलाता है।

सामान्य अभिक्रिया aA + bB → उत्पाद के लिए वेग नियम:
वेग (Rate) = k [A]x [B]y
k: विशिष्ट वेग स्थिरांक (Rate Constant)
x एवं y: प्रयोगों द्वारा ज्ञात घातें हैं (जो a तथा b के समान हो भी सकती हैं और नहीं भी)।
🎯 nth कोटि के लिए k का मात्रक ज्ञात करने का सामान्य सूत्र:
k का मात्रक = (mol L-1)1 - n s-1  या  (mol)1-n (L)n-1 s-1
शून्य कोटि (n = 0): mol L-1 s-1
प्रथम कोटि (n = 1): s-1 (या min-1)
द्वितीय कोटि (n = 2): L mol-1 s-1

📊 2. अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction)

किसी अभिक्रिया के वेग नियम समीकरण में प्रयुक्त अभिकारकों की सांद्रता की घातों के योगफल को अभिक्रिया की कुल कोटि (n) कहते हैं।

कुल कोटि (n) = x + y
• कोटि का मान शून्य (0), पूर्णांक (1, 2, 3) या भिन्नात्मक (Fractional like 1/2, 1.5) तथा ऋणात्मक भी हो सकता है।
• कोटि एक प्रायोगिक (Experimental) मान है, इसे केवल समीकरण देखकर नहीं बताया जा सकता।
⭐ छद्म / आभासी प्रथम कोटि की अभिक्रिया (Pseudo-First Order Reaction):
ऐसी रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनकी वास्तविक आणविकता दो या दो से अधिक होती है, लेकिन परिस्थितिवश (जैसे किसी एक अभिकारक का आधिक्य/Excess में होना) अभिक्रिया की कोटि केवल 1 होती है।
उदाहरण (एथिल एसिटेट का अम्लीय जल-अपघटन):
CH3COOC2H5 + H2O (आधिक्य) → CH3COOH + C2H5OH
वेग = k [CH3COOC2H5] (क्योंकि जल H2O आधिक्य में होने से इसकी सांद्रता लगभग स्थिर रहती है)।

⚛️ 3. अभिक्रिया की आणविकता (Molecularity of Reaction)

किसी प्राथमिक अभिक्रिया (Elementary Reaction) में एक साथ टकराने वाले तथा उत्पाद बनाने में भाग लेने वाले अभिकारक अणुओं, परमाणुओं या आयनों की संख्या को अभिक्रिया की आणविकता कहते हैं।

एकाणुक (Unimolecular): NH4NO2 → N2 + 2H2O (आणविकता = 1)
द्वि-आणुक (Bimolecular): 2HI → H2 + I2 (आणविकता = 2)
• आणविकता सदैव एक धनात्मक पूर्णांक (1, 2, 3) होती है। यह कभी भी शून्य, ऋणात्मक या भिन्नात्मक नहीं हो सकती।

⚖️ अभिक्रिया की कोटि तथा आणविकता में अंतर (Difference Table)

क्र.सं. अभिक्रिया की कोटि (Order) अभिक्रिया की आणविकता (Molecularity)
1 यह सांद्रता की घातों का योगफल है। यह टकराने वाले अणुओं की संख्या है।
2 यह एक प्रायोगिक (Experimental) मान है। यह एक सैद्धांतिक (Theoretical) मान है।
3 यह शून्य, पूर्णांक या भिन्नात्मक हो सकती है। यह केवल धनात्मक पूर्णांक (1, 2, 3) होती है।
4 यह जटिल (Complex) अभिक्रियाओं पर लागू होती है। यह केवल प्राथमिक (Elementary) पदों पर लागू होती है।

🔥 बोर्ड परीक्षा प्रश्न एवं आंकिक प्रश्न (Board Special Numericals)

प्रश्न 1 (आंकिक): एक अभिक्रिया A + B → C के लिए वेग नियम Rate = k [A]1/2 [B]2 है। अभिक्रिया की कुल कोटि बताइए।
हल:
• कुल कोटि (n) = x + y = 1/2 + 2 = 5/2 = 2.5 (भिन्नात्मक कोटि)
प्रश्न 2 (आंकिक): किसी अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक k का मान k = 2.3 × 10-5 L mol-1 s-1 है। इस अभिक्रिया की कोटि पहचानिए।
हल:
• k का मात्रक L mol-1 s-1 (या mol-1 L s-1) है।
• सूत्र: (mol L-1)1-n s-1 से तुलना करने पर n = 2 प्राप्त होता है।
• अतः यह द्वितीय कोटि (Second Order) की अभिक्रिया है।
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टॉपिक 3: समाकलित वेग समीकरण एवं अर्ध-आयु काल (Integrated Rate Equations & Half-Life)

📌 1. शून्य कोटि की अभिक्रिया (Zero Order Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जिसका वेग अभिकारकों की सांद्रता के शून्य घात के समानुपाती होता है (अर्थात् सांद्रता पर निर्भर नहीं करता), शून्य कोटि की अभिक्रिया कहलाती है।

समाकलित वेग समीकरण (Integrated Rate Equation):
k = ([R]0 - [R]) / t   या   [R] = [R]0 - kt
[R]0: प्रारंभिक सांद्रता  |  [R]: 't' समय पश्चात सांद्रता  |  k: वेग स्थिरांक
⏱️ शून्य कोटि का अर्ध-आयु काल (Half-Life Period - t1/2):
t1/2 = [R]0 / (2k)
निष्कर्ष: शून्य कोटि की अभिक्रिया का अर्ध-आयु काल उसकी प्रारंभिक सांद्रता [R]0 के समानुपाती (t1/2 ∝ [R]0) होता है।

🚀 2. प्रथम कोटि की अभिक्रिया (First Order Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जिसका वेग अभिकारक की सांद्रता के प्रथम घात के समानुपाती होता है, प्रथम कोटि की अभिक्रिया कहलाती है।

समाकलित वेग समीकरण (Main Formula):
k = (2.303 / t) × log10 ([R]0 / [R])
माना प्रारंभिक मात्रा = 'a' तथा t समय बाद शेष मात्रा = '(a - x)', तो:
k = (2.303 / t) × log10 [a / (a - x)]
⏱️ प्रथम कोटि का अर्ध-आयु काल (Half-Life - t1/2):
जब t = t1/2, तब [R] = [R]0 / 2 होता है। मान रखने पर:
t1/2 = 0.693 / k
अति महत्वपूर्ण निष्कर्ष: प्रथम कोटि की अभिक्रिया का अर्ध-आयु काल अभिकारक की प्रारंभिक सांद्रता पर निर्भर नहीं करता है

💨 3. गैसीय प्रावस्था हेतु प्रथम कोटि व्यंजक (Gaseous Reaction)

गैसीय अभिक्रिया: A(g) → B(g) + C(g) के लिए (जहाँ Pi = प्रारंभिक दाब तथा Pt = t समय पर कुल दाब):

k = (2.303 / t) × log10 [ Pi / (2Pi - Pt) ]

🔥 बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने वाले सिद्ध करने वाले आंकिक प्रश्न (Board Special)

प्रश्न 1 (सिद्ध कीजिए): दर्शाइए कि प्रथम कोटि की अभिक्रिया में 99.9% अभिक्रिया पूर्ण होने में लगा समय, उसकी अर्ध-आयु (t1/2) का लगभग 10 गुना होता है।
हल:
• 99.9% पूर्ण हेतु: a = 100, (a - x) = 100 - 99.9 = 0.1 = 10-1
• t99.9% = (2.303 / k) × log10 (100 / 0.1) = (2.303 / k) × log10 (103)
• t99.9% = (2.303 × 3) / k = 6.909 / k  ---(समीकरण 1)
• अर्ध-आयु: t1/2 = 0.693 / k  ---(समीकरण 2)
• समीकरण (1) ÷ (2): t99.9% / t1/2 = 6.909 / 0.693 ≈ 10 गुना (Proved)
प्रश्न 2 (आंकिक): एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया का अर्ध-आयु काल 60 मिनट है। 75% अभिक्रिया पूर्ण होने में कितना समय लगेगा?
हल:
• k = 0.693 / t1/2 = 0.693 / 60 = 0.01155 min-1
• 75% पूर्ण हेतु: a = 100, (a - x) = 25
• t75% = (2.303 / k) × log10 (100 / 25) = (2.303 / 0.01155) × log10(4)
• t75% = (2.303 / 0.01155) × 0.6021 = 120 मिनट (2 × t1/2)
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🔥 टॉपिक 4: आरहेनियस समीकरण, सक्रियण ऊर्जा एवं संघट्ट सिद्धान्त (Arrhenius Equation & Collision Theory)

📌 1. आरहेनियस समीकरण (Arrhenius Equation)

ताप का अभिक्रिया के वेग स्थिरांक (k) पर प्रभाव दर्शाने के लिए स्वंते आरहेनियस (Svante Arrhenius) ने एक समीकरण दिया, जिसे आरहेनियस समीकरण कहते हैं।

मूल (चरघातांकी) रूप:
k = A · e-Ea / RT
k: वेग स्थिरांक (Rate Constant)
A: आरहेनियस कारक या आवृत्ति कारक (Frequency Factor)
Ea: सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy)
R: गैस स्थिरांक (8.314 J K-1 mol-1)
T: परम ताप (Kelvin में)
लघुगणकीय रूप (Logarithmic Form):
log10 k = log10 A - (Ea / 2.303 RT)
🎯 दो अलग-अलग तापों (T1 व T2) पर आंकिक प्रश्नों हेतु मुख्य सूत्र:
log10 (k2 / k1) = (Ea / 2.303 R) × [ (T2 - T1) / (T1 × T2) ]

⚡ 2. सक्रियण ऊर्जा एवं देहली ऊर्जा (Activation & Threshold Energy)

  • देहली ऊर्जा (Threshold Energy - ET): अभिकारक अणुओं के पास उत्पाद में बदलने के लिए आवश्यक न्यूनतम कुल ऊर्जा को देहली ऊर्जा कहते हैं।
  • सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy - Ea): न्यूनतम अतिरिक्त ऊर्जा जो सामान्य अभिकारक अणुओं को देहली ऊर्जा तक पहुँचने के लिए बाहर से देनी पड़ती है, सक्रियण ऊर्जा कहलाती है।
सक्रियण ऊर्जा (Ea) = देहली ऊर्जा (ET) - अभिकारकों की औसत गतिज ऊर्जा

💥 3. अभिक्रियाओं का संघट्ट सिद्धान्त (Collision Theory)

मैक्सवेल और बोल्ट्ज़मान द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धान्त के अनुसार, रासायनिक अभिक्रिया अभिकारकों के अणुओं के आपस में टकराने (संघट्ट) से होती है।

प्रभावी टक्कर की दो मुख्य शर्तें:
1. पर्याप्त ऊर्जा (Energy Barrier): टकराने वाले अणुओं के पास न्यूनतम ऊर्जा Ea होनी चाहिए।
2. उचित अभिविन्यास (Orientation Barrier): पुराने बंध टूटने और नए बंध बनने के लिए अणुओं की दिशा/अभिविन्यास सही होना चाहिए।
k = P · ZAB · e-Ea / RT
(जहाँ P = त्रिविम/अभिविन्यास कारक (Steic Factor) तथा ZAB = टक्कर आवृत्ति)

🔥 बोर्ड परीक्षा विशेष: आरहेनियस समीकरण पर आंकिक प्रश्न (Board Special Numerical)

प्रश्न: किसी अभिक्रिया का ताप 293 K से बढ़ा कर 313 K करने पर अभिक्रिया का वेग दुगुना (2 गुना) हो जाता है। अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Ea) की गणना कीजिए। (R = 8.314 J K-1 mol-1, log 2 = 0.3010)
हल:
• दिया है: T1 = 293 K, T2 = 313 K, k2 / k1 = 2
• सूत्र: log10 (k2 / k1) = (Ea / 2.303 R) × [ (T2 - T1) / (T1 × T2) ]
• log (2) = [ Ea / (2.303 × 8.314) ] × [ (313 - 293) / (293 × 313) ]
• 0.3010 = [ Ea / 19.147 ] × [ 20 / 91709 ]
• Ea = (0.3010 × 19.147 × 91709) / 20
Ea = 52863 J mol-1 ≈ 52.86 kJ mol-1
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