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कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 5: चुंबकत्व एवं द्रव्य (महत्वपूर्ण नोट्स)

🧭 UP Board Class 12th Physics • भाग-1

अध्याय 5: चुंबकत्व एवं द्रव्य (Magnetism and Matter)

छड़ चुंबक, चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ, बल आघूर्ण एवं परिक्रमी इलेक्ट्रॉन

1. छड़ चुंबक (Bar Magnet) व इसकी चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ

छड़ चुंबक: यह एक आयताकार या बेलनाकार स्थायी चुंबक होता है जिसके दो ध्रुव (उत्तरी ध्रुव N तथा दक्षिणी ध्रुव S) होते हैं।
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ: चुंबकीय क्षेत्र में खींचे गए वे काल्पनिक वक्र हैं जो चुंबक के बाहर उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर तथा चुंबक के भीतर दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर चलते हुए एक बंद लूप बनाते हैं। ये कभी भी एक-दूसरे को नहीं काटतीं।

2. एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में छड़ चुंबक पर बल आघूर्ण (Torque on a Bar Magnet)

जब किसी M चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण वाले छड़ चुंबक को एकसमान चुंबकीय क्षेत्र B में क्षेत्र के साथ θ कोण बनाते हुए रखा जाता है, तो उस पर एक प्रत्यानयन बल आघूर्ण (τ) कार्य करता है:

τ = M B sinθ

सदिश रूप में: τ = M × B

3. चुंबकीय द्विध्रुव के रूप में परिक्रमी इलेक्ट्रॉन (Revolving Electron as a Magnetic Dipole)

परमाणु के भीतर नाभिक के चारों ओर चक्कर लगाने वाला इलेक्ट्रॉन एक छोटे विद्युत धारा लूप की तरह कार्य करता है, जिससे इसका अपना एक चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण उत्पन्न होता है। इसका चुंबकीय आघूर्ण (M) कोणीय संवेग (L) के समानुपाती होता है:

M = e2m × L

(जहाँ e इलेक्ट्रॉन का आवेश तथा m उसका द्रव्यमान है)

4. पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र (Earth's Magnetic Field)

पृथ्वी के क्रोड में पिघली हुई अवस्था में उपस्थित लोहे और निकल जैसी चुंबकीय धातुओं के संवहन धाराओं के कारण पृथ्वी का अपना एक चुंबकीय क्षेत्र होता है। इसके मुख्य अवयव निम्नलिखित हैं:
चुंबकीय दिक्पात कोण (θ): भौगोलिक याम्योत्तर तथा चुंबकीय याम्योत्तर के बीच का कोण।
नमन कोण या झुकाव कोण (δ): पृथ्वी का कुल चुंबकीय क्षेत्र क्षैतिज तल के साथ जितना कोण बनाता है।
पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक (BE): BH = B cosδ

5. चुंबकीय पदार्थ (प्रतिचुंबकीय, अनुचुंबकीय व लौहचुंबकीय) एवं उनके गुण

चुंबकीय गुणों के आधार पर पदार्थों को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है:

(क) प्रतिचुंबकीय पदार्थ (Diamagnetic Materials): ये पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र के विपरीत दिशा में बहुत कम चुंबकीय होते हैं (जैसे- बिस्मथ, तांबा, जल आदि)। इनकी चुंबकीय प्रवृत्ति नकारात्मक होती है।

(ख) अनुचुंबकीय पदार्थ (Paramagnetic Materials): ये पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में हल्के से आकर्षित होते हैं (जैसे- एल्युमिनियम, ऑक्सीजन, सोडियम आदि)। इनकी चुंबकीय प्रवृत्ति छोटी और धनात्मक होती है।

(ग) लौहचुंबकीय पदार्थ (Ferromagnetic Materials): ये पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर बहुत तीव्रता से क्षेत्र की दिशा में आकर्षित होते हैं (जैसे- लोहा, निकेल, कोबाल्ट आदि)। इनकी चुंबकीय प्रवृत्ति बहुत अधिक और धनात्मक होती है।

Sunil Learning Point • अध्याय 5 समाप्त अगला अध्याय (अध्याय 6) ➔
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