तत्सम शब्द – परिभाषा एवं महत्वपूर्ण उदाहरण
तत्सम शब्द हिन्दी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है। UP Board Class 10 Hindi Vyakaran में तत्सम शब्द से संबंधित प्रश्न परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इस पोस्ट में तत्सम शब्द की परिभाषा, विशेषताएँ तथा महत्वपूर्ण उदाहरणों को सरल भाषा में समझाया गया है।
तत्सम शब्द की परिभाषा, पहचान तथा महत्वपूर्ण तत्सम-तद्भव शब्दों का अभ्यास परीक्षा के लिए अवश्य करें।
तत्सम शब्द किसे कहते हैं?
जो शब्द संस्कृत भाषा से हिन्दी में बिना किसी परिवर्तन के लिए गए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
संस्कृत के वे शब्द जो हिन्दी में उसी रूप में प्रयोग किए जाते हैं, तत्सम शब्द कहलाते हैं।
‘तत्सम’ शब्द का अर्थ
तत्सम शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— तत् + सम। इसका अर्थ है ‘उसके समान’। अर्थात् जो शब्द संस्कृत में जिस रूप में था, हिन्दी में भी लगभग उसी रूप में प्रयोग होता है।
तत्सम शब्दों की प्रमुख विशेषताएँ
- तत्सम शब्द संस्कृत भाषा से हिन्दी में आए हैं।
- इनके मूल रूप में सामान्यतः कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
- इनका प्रयोग हिन्दी के साथ-साथ संस्कृतनिष्ठ भाषा में अधिक होता है।
- तत्सम शब्दों का रूप प्रायः संस्कृत के समान ही रहता है।
- परीक्षा में तत्सम शब्दों की पहचान तथा तत्सम-तद्भव का मिलान पूछा जा सकता है।
तत्सम शब्दों के महत्वपूर्ण उदाहरण
| तत्सम शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अग्नि | आग |
| आकाश | आसमान |
| सूर्य | सूरज |
| चंद्र | चाँद |
| दंत | दाँत |
| नासिका | नाक |
| मुख | मुँह |
| कर्ण | कान |
| नेत्र | आँख |
| हस्त | हाथ |
| पाद | पैर |
| दुग्ध | दूध |
| क्षीर | दूध |
| रात्रि | रात |
| निद्रा | नींद |
तत्सम और तद्भव शब्द
संस्कृत के जो शब्द हिन्दी में बिना परिवर्तन के आए हैं, वे तत्सम कहलाते हैं। संस्कृत के जिन शब्दों के रूप में समय के साथ परिवर्तन होकर हिन्दी में नए रूप बने, वे तद्भव शब्द कहलाते हैं।
| तत्सम शब्द | तद्भव शब्द |
|---|---|
| अग्नि | आग |
| दंत | दाँत |
| नासिका | नाक |
| कर्ण | कान |
| नेत्र | नैन |
| हस्त | हाथ |
| पाद | पाँव |
| दुग्ध | दूध |
| रात्रि | रात |
| निद्रा | नींद |
तत्सम शब्दों की पहचान कैसे करें?
तत्सम शब्दों की पहचान करने के लिए यह देखना चाहिए कि शब्द संस्कृत से हिन्दी में बिना किसी विशेष परिवर्तन के आया है या नहीं। ऐसे शब्दों में संस्कृत का मूल रूप दिखाई देता है।
अग्नि → आग
‘अग्नि’ संस्कृत का तत्सम शब्द है।
दंत → दाँत
‘दंत’ तत्सम शब्द है और ‘दाँत’ उसका तद्भव रूप है।
कर्ण → कान
‘कर्ण’ तत्सम शब्द है और ‘कान’ उसका तद्भव रूप है।
हस्त → हाथ
‘हस्त’ तत्सम शब्द है और ‘हाथ’ उसका तद्भव रूप है।
कुछ महत्वपूर्ण तत्सम शब्द
| क्रम | तत्सम शब्द | तद्भव शब्द |
|---|---|---|
| 1 | अग्नि | आग |
| 2 | अक्षि | आँख |
| 3 | कर्ण | कान |
| 4 | दंत | दाँत |
| 5 | नासिका | नाक |
| 6 | हस्त | हाथ |
| 7 | पाद | पाँव |
| 8 | दुग्ध | दूध |
| 9 | रात्रि | रात |
| 10 | निद्रा | नींद |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1. तत्सम शब्द किसे कहते हैं?
उत्तर: जो शब्द संस्कृत भाषा से हिन्दी में बिना किसी परिवर्तन के लिए गए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
प्रश्न 2. ‘तत्सम’ शब्द का अर्थ क्या है?
उत्तर: ‘तत्सम’ का अर्थ है – उसके समान। अर्थात् संस्कृत के समान रूप में प्रयुक्त होने वाले शब्द।
प्रश्न 3. ‘अग्नि’ का तद्भव शब्द क्या है?
उत्तर: ‘अग्नि’ का तद्भव शब्द आग है।
प्रश्न 4. ‘दंत’ का तद्भव शब्द क्या है?
उत्तर: ‘दंत’ का तद्भव शब्द दाँत है।
प्रश्न 5. ‘कर्ण’ का तद्भव शब्द क्या है?
उत्तर: ‘कर्ण’ का तद्भव शब्द कान है।
प्रश्न 6. ‘हस्त’ का तद्भव शब्द क्या है?
उत्तर: ‘हस्त’ का तद्भव शब्द हाथ है।
प्रश्न 7. ‘दुग्ध’ का तद्भव शब्द क्या है?
उत्तर: ‘दुग्ध’ का तद्भव शब्द दूध है।
अभ्यास प्रश्न
निम्नलिखित तत्सम शब्दों के तद्भव शब्द लिखिए—
- अग्नि
- अक्षि
- कर्ण
- दंत
- नासिका
- हस्त
- पाद
- दुग्ध
- रात्रि
- निद्रा
एक नजर में याद करें
तत्सम → संस्कृत से हिन्दी में बिना परिवर्तन के आए शब्द
अग्नि → आग
दंत → दाँत
कर्ण → कान
नासिका → नाक
हस्त → हाथ
पाद → पाँव
दुग्ध → दूध
रात्रि → रात
निद्रा → नींद
निष्कर्ष
तत्सम शब्द हिन्दी व्याकरण का महत्वपूर्ण विषय है। संस्कृत से हिन्दी में बिना परिवर्तन के आए शब्द तत्सम कहलाते हैं। कक्षा 10 के विद्यार्थियों को तत्सम शब्दों की परिभाषा के साथ-साथ महत्वपूर्ण तत्सम-तद्भव शब्दों का अभ्यास अवश्य करना चाहिए।
परीक्षा में तत्सम शब्दों की पहचान तथा उनके तद्भव रूप पूछे जा सकते हैं। इसलिए महत्वपूर्ण तत्सम-तद्भव शब्दों की सूची को अच्छी तरह याद करें।
Sunil Learning Point
Class 10 Hindi Vyakaran Notes

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