समास – परिभाषा, प्रकार एवं उदाहरण
समास हिन्दी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है। UP Board Class 10 Hindi Vyakaran में समास से संबंधित प्रश्न परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस पोस्ट में समास की परिभाषा तथा कक्षा 10 के स्तर पर महत्वपूर्ण समासों को सरल भाषा में उदाहरण सहित समझाया गया है।
कर्मधारय समास, द्विगु समास, बहुव्रीहि समास और द्वंद्व समास।
समास किसे कहते हैं?
दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक छोटा और सार्थक शब्द बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं।
जब दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक नया संक्षिप्त शब्द बनाया जाता है, तो उसे समास कहते हैं।
समास के प्रमुख भेद
कक्षा 10 के स्तर पर निम्नलिखित समास विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं—
- कर्मधारय समास
- द्विगु समास
- बहुव्रीहि समास
- द्वंद्व समास
1. कर्मधारय समास
जिस समास में पहला पद दूसरे पद की विशेषता बताता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं। इसमें विशेषण और विशेष्य का संबंध पाया जाता है।
कर्मधारय समास में पहला पद दूसरे पद की विशेषता बताता है। इसका विग्रह करने पर सामान्यतः ‘जो’, ‘जिसका’, ‘जिसमें’ आदि के स्थान पर विशेषण-विशेष्य का संबंध दिखाई देता है।
कर्मधारय समास के उदाहरण
| समस्त पद | विग्रह |
|---|---|
| नीलकमल | नीला है जो कमल |
| महापुरुष | महान है जो पुरुष |
| पीताम्बर | पीला है जो अम्बर |
| कालीमिर्च | काली है जो मिर्च |
| चंद्रमुख | चंद्रमा के समान मुख |
2. द्विगु समास
जिस समास का पहला पद संख्यावाचक हो और उससे समूह या समाहार का बोध हो, उसे द्विगु समास कहते हैं।
द्विगु समास में पहला पद प्रायः संख्या बताता है, जैसे— दो, तीन, चार, पाँच, सात आदि।
द्विगु समास के उदाहरण
| समस्त पद | विग्रह |
|---|---|
| नवरात्र | नौ रातों का समूह |
| सप्तर्षि | सात ऋषियों का समूह |
| पंचवटी | पाँच वटों का समूह |
| त्रिभुवन | तीन भुवनों का समूह |
| चौराहा | चार राहों का समूह |
3. बहुव्रीहि समास
जिस समास में दोनों पदों में से कोई भी पद प्रधान नहीं होता और समस्त पद किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु का बोध कराता है, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
बहुव्रीहि समास में समस्त पद का अर्थ उसके दोनों पदों से अलग किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु के लिए होता है।
बहुव्रीहि समास के उदाहरण
| समस्त पद | विग्रह | अर्थ |
|---|---|---|
| दशानन | दस हैं आनन जिसके | रावण |
| चतुर्भुज | चार हैं भुजाएँ जिसकी | विष्णु |
| नीलकंठ | नीला है कंठ जिसका | शिव |
| लंबोदर | लंबा है उदर जिसका | गणेश |
| पीताम्बर | पीला है अम्बर जिसका | श्रीकृष्ण |
4. द्वंद्व समास
जिस समास में दोनों पद प्रधान होते हैं और दोनों के बीच ‘और’, ‘तथा’, ‘या’ आदि शब्दों का लोप होता है, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
द्वंद्व समास का विग्रह करने पर दोनों पदों के बीच सामान्यतः ‘और’ शब्द लगाया जा सकता है।
द्वंद्व समास के उदाहरण
| समस्त पद | विग्रह |
|---|---|
| माता-पिता | माता और पिता |
| भाई-बहन | भाई और बहन |
| दिन-रात | दिन और रात |
| सुख-दुःख | सुख और दुःख |
| राजा-रानी | राजा और रानी |
| पाप-पुण्य | पाप और पुण्य |
चारों समास एक नजर में
| समास | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्मधारय | पहला पद दूसरे की विशेषता बताता है | नीलकमल |
| द्विगु | पहला पद संख्यावाचक होता है | नवरात्र |
| बहुव्रीहि | किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु का बोध | दशानन |
| द्वंद्व | दोनों पद प्रधान होते हैं | माता-पिता |
समास और विग्रह
समास से बने हुए संक्षिप्त शब्द को समस्त पद कहते हैं और समस्त पद को अलग-अलग करके उसका पूरा अर्थ बताने को समास-विग्रह कहते हैं।
नीलकमल → नीला है जो कमल
समस्त पद – नीलकमल
विग्रह – नीला है जो कमल
नवरात्र → नौ रातों का समूह
समस्त पद – नवरात्र
विग्रह – नौ रातों का समूह
दशानन → दस हैं आनन जिसके
समस्त पद – दशानन
विग्रह – दस हैं आनन जिसके
माता-पिता → माता और पिता
समस्त पद – माता-पिता
विग्रह – माता और पिता
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1. समास किसे कहते हैं?
उत्तर: दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक छोटा और सार्थक शब्द बनाने की प्रक्रिया को समास कहते हैं।
प्रश्न 2. समास के चार प्रमुख भेद लिखिए।
उत्तर: कर्मधारय, द्विगु, बहुव्रीहि और द्वंद्व समास।
प्रश्न 3. कर्मधारय समास किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस समास में पहला पद दूसरे पद की विशेषता बताता है, उसे कर्मधारय समास कहते हैं।
प्रश्न 4. द्विगु समास किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस समास का पहला पद संख्यावाचक हो और उससे समूह या समाहार का बोध हो, उसे द्विगु समास कहते हैं।
प्रश्न 5. बहुव्रीहि समास किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस समास में दोनों पदों में से कोई भी पद प्रधान न हो और समस्त पद किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु का बोध कराए, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
प्रश्न 6. द्वंद्व समास किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस समास में दोनों पद प्रधान होते हैं और उनके बीच ‘और’, ‘तथा’ आदि शब्दों का लोप होता है, उसे द्वंद्व समास कहते हैं।
प्रश्न 7. ‘माता-पिता’ में कौन-सा समास है?
उत्तर: माता-पिता में द्वंद्व समास है। विग्रह – माता और पिता।
प्रश्न 8. ‘नवरात्र’ में कौन-सा समास है?
उत्तर: नवरात्र में द्विगु समास है। विग्रह – नौ रातों का समूह।
प्रश्न 9. ‘दशानन’ में कौन-सा समास है?
उत्तर: दशानन में बहुव्रीहि समास है। विग्रह – दस हैं आनन जिसके।
प्रश्न 10. ‘नीलकमल’ में कौन-सा समास है?
उत्तर: नीलकमल में कर्मधारय समास है। विग्रह – नीला है जो कमल।
अभ्यास प्रश्न
निम्नलिखित समस्त पदों का समास-विग्रह एवं समास का नाम लिखिए—
- महापुरुष
- नीलकमल
- नवरात्र
- सप्तर्षि
- पंचवटी
- दशानन
- नीलकंठ
- लंबोदर
- माता-पिता
- सुख-दुःख
- दिन-रात
- भाई-बहन
एक नजर में याद करें
कर्मधारय → पहला पद दूसरे की विशेषता बताता है → नीलकमल
द्विगु → पहला पद संख्यावाचक → नवरात्र
बहुव्रीहि → किसी तीसरे का बोध → दशानन
द्वंद्व → दोनों पद प्रधान → माता-पिता
निष्कर्ष
समास हिन्दी व्याकरण का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। कक्षा 10 के विद्यार्थियों को समास की परिभाषा के साथ-साथ कर्मधारय, द्विगु, बहुव्रीहि और द्वंद्व समास की पहचान, समास-विग्रह और उदाहरणों का अभ्यास अवश्य करना चाहिए।
समास पहचानने के लिए सबसे पहले समस्त पद का विग्रह करें। विग्रह में विशेषता का संबंध हो तो कर्मधारय, संख्या से समूह का बोध हो तो द्विगु, तीसरे व्यक्ति या वस्तु का बोध हो तो बहुव्रीहि और ‘और’ लगाने पर अर्थ सही बने तो द्वंद्व समास पहचानना आसान होता है।
Sunil Learning Point
Class 10 Hindi Vyakaran Notes

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