🔊 ध्वनि
Sound • Vibration • Waves • Frequency • Amplitude • Echo • Ultrasound
ध्वनि हमारे दैनिक जीवन में संचार और सूचना का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ध्वनि कंपन से उत्पन्न होती है और किसी माध्यम के माध्यम से संचरित होती है। इस अध्याय में ध्वनि के उत्पादन, संचरण, कंपन, तरंग, आयाम, आवृत्ति, तरंगदैर्ध्य, ध्वनि की चाल, पराश्रव्य तथा प्रतिध्वनि जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं का अध्ययन किया जाएगा।
📑 विषय-सूची
- ध्वनि क्या है?
- ध्वनि का उत्पादन
- कंपन क्या है?
- ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम
- ध्वनि तरंग
- अनुदैर्ध्य तरंग
- संपीड़न एवं विरलन
- आयाम
- आवृत्ति
- आवर्तकाल
- तरंगदैर्ध्य एवं चाल
- ध्वनि की प्रबलता एवं तारत्व
- मानव श्रव्यता
- अवश्रव्य एवं पराश्रव्य ध्वनि
- ध्वनि की चाल
- ध्वनि का परावर्तन एवं प्रतिध्वनि
- पराश्रव्य के उपयोग
- ध्वनि प्रदूषण
- One Liner Quick Revision
- Exam Important Points
1️⃣ ध्वनि क्या है?
ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो हमारे कानों में श्रवण की अनुभूति उत्पन्न करती है। ध्वनि सामान्यतः किसी वस्तु के कंपन से उत्पन्न होती है।
2️⃣ ध्वनि का उत्पादन
ध्वनि सामान्यतः वस्तुओं के कंपन से उत्पन्न होती है।
| स्रोत | कंपन करने वाला भाग |
|---|---|
| तबला | खींची हुई झिल्ली |
| सितार | तार |
| घंटी | घंटी का कंपन करता भाग |
| मानव आवाज | स्वर-तंत्रियों का कंपन |
3️⃣ कंपन क्या है?
किसी वस्तु की अपनी माध्य स्थिति के दोनों ओर बार-बार आगे-पीछे होने वाली गति को कंपन कहते हैं।
4️⃣ ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम
ध्वनि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है। ध्वनि ठोस, द्रव और गैसों में संचरित हो सकती है।
| माध्यम | ध्वनि का संचरण |
|---|---|
| ठोस | होता है |
| द्रव | होता है |
| गैस | होता है |
| निर्वात | नहीं होता |
5️⃣ ध्वनि तरंग
माध्यम में कंपन के कारण उत्पन्न विक्षोभ के आगे बढ़ने को ध्वनि तरंग कहा जा सकता है।
6️⃣ अनुदैर्ध्य तरंग
ऐसी तरंग जिसमें माध्यम के कणों का दोलन तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर होता है, उसे अनुदैर्ध्य तरंग कहते हैं।
7️⃣ संपीड़न एवं विरलन
8️⃣ आयाम
कंपन करती वस्तु के अधिकतम विस्थापन को उसके आयाम के रूप में जाना जाता है।
9️⃣ आवृत्ति
एक सेकंड में होने वाले पूर्ण कंपनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं।
🔟 आवर्तकाल
एक पूर्ण कंपन करने में लगने वाले समय को आवर्तकाल कहते हैं।
जहाँ T = आवर्तकाल और f = आवृत्ति।
1️⃣1️⃣ तरंगदैर्ध्य एवं चाल
दो क्रमिक समान अवस्था वाले बिंदुओं, जैसे दो क्रमिक संपीड़नों या दो क्रमिक विरलनों, के बीच की दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं।
जहाँ v = तरंग की चाल, f = आवृत्ति और λ = तरंगदैर्ध्य।
1️⃣2️⃣ ध्वनि की प्रबलता एवं तारत्व
ध्वनि कितनी तेज या धीमी सुनाई देती है, यह मुख्यतः उसके आयाम से संबंधित है।
ध्वनि मोटी या तीखी सुनाई देने का गुण तारत्व कहलाता है और यह आवृत्ति से संबंधित है।
| गुण | मुख्य रूप से संबंधित मात्रा |
|---|---|
| प्रबलता | आयाम |
| तारत्व | आवृत्ति |
| ध्वनि की गुणवत्ता | तरंग के स्वरूप और हार्मोनिक घटकों से संबंधित |
1️⃣3️⃣ मानव श्रव्यता
सामान्यतः स्वस्थ मानव कान लगभग 20 Hz से 20,000 Hz तक की आवृत्तियों की ध्वनि सुन सकता है।
1️⃣4️⃣ अवश्रव्य एवं पराश्रव्य ध्वनि
लगभग 20 Hz से कम आवृत्ति वाली ध्वनि को अवश्रव्य कहा जाता है।
लगभग 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति वाली ध्वनि को पराश्रव्य कहा जाता है।
1️⃣5️⃣ ध्वनि की चाल
ध्वनि की चाल माध्यम और उसकी भौतिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है। सामान्यतः ध्वनि ठोसों में गैसों की तुलना में अधिक तेजी से चलती है।
| माध्यम | ध्वनि की चाल का सामान्य क्रम |
|---|---|
| ठोस | अधिक |
| द्रव | ठोस से कम, गैस से अधिक |
| गैस | तुलनात्मक रूप से कम |
1️⃣6️⃣ ध्वनि का परावर्तन एवं प्रतिध्वनि
जब ध्वनि तरंग किसी बाधा से टकराकर वापस लौटती है, तो इसे ध्वनि का परावर्तन कहते हैं।
परावर्तित ध्वनि जब मूल ध्वनि से अलग सुनाई देती है, तो उसे प्रतिध्वनि कहते हैं।
1️⃣7️⃣ पराश्रव्य के उपयोग
पराश्रव्य तरंगों के अनेक उपयोग हैं:
- चिकित्सा में अल्ट्रासोनोग्राफी।
- शरीर के अंदर कुछ संरचनाओं की जाँच।
- औद्योगिक सफाई में।
- कुछ औद्योगिक परीक्षणों में दोषों का पता लगाने के लिए।
- SONAR जैसी प्रणालियों में उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगों का उपयोग।
1️⃣8️⃣ ध्वनि प्रदूषण
अनावश्यक या अत्यधिक ध्वनि जो मनुष्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, उसे ध्वनि प्रदूषण कहा जाता है।
- वाहनों के हॉर्न
- तेज लाउडस्पीकर
- मशीनें
- निर्माण कार्य
- पटाखे
- अन्य अत्यधिक शोर वाले स्रोत
- अनावश्यक हॉर्न से बचना।
- ध्वनि उपकरणों की आवाज उचित रखना।
- अत्यधिक शोर वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय अपनाना।
- पेड़-पौधों और हरित पट्टियों को बढ़ावा देना।
1️⃣9️⃣ One Liner Quick Revision
2️⃣0️⃣ Exam Important Points
- ध्वनि की उत्पत्ति और कंपन की अवधारणा समझें।
- ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता याद रखें।
- निर्वात में ध्वनि का संचरण नहीं होता।
- ध्वनि तरंगों की अनुदैर्ध्य प्रकृति समझें।
- संपीड़न और विरलन की परिभाषा याद रखें।
- आयाम और प्रबलता का संबंध समझें।
- आवृत्ति और तारत्व का संबंध याद रखें।
- T = 1/f सूत्र महत्वपूर्ण है।
- v = fλ सूत्र याद रखें।
- मानव की सामान्य श्रव्यता लगभग 20 Hz से 20 kHz है।
- अवश्रव्य और पराश्रव्य ध्वनि का अंतर समझें।
- ठोस, द्रव और गैस में ध्वनि की चाल का सामान्य क्रम याद रखें।
- ध्वनि के परावर्तन और प्रतिध्वनि को समझें।
- पराश्रव्य के चिकित्सा और औद्योगिक उपयोग महत्वपूर्ण हैं।
- ध्वनि प्रदूषण के स्रोत और नियंत्रण के उपाय याद रखें।
📚 Chapter Summary
इस अध्याय में हमने ध्वनि की उत्पत्ति, कंपन, माध्यम, ध्वनि तरंग, संपीड़न-विरलन, आयाम, आवृत्ति, आवर्तकाल, तरंगदैर्ध्य, ध्वनि की चाल, प्रबलता, तारत्व, मानव श्रव्यता, अवश्रव्य, पराश्रव्य, प्रतिध्वनि, पराश्रव्य के उपयोग और ध्वनि प्रदूषण का अध्ययन किया।
परीक्षा की दृष्टि से विशेष रूप से आयाम, आवृत्ति, आवर्तकाल, v = fλ, मानव श्रव्यता, अवश्रव्य-पराश्रव्य, ध्वनि की चाल, प्रतिध्वनि और पराश्रव्य के उपयोग अच्छी तरह दोहराना उपयोगी है।
कंपन → ध्वनि → माध्यम → तरंग → आयाम → आवृत्ति → आवर्तकाल → तरंगदैर्ध्य → चाल → श्रव्यता → प्रतिध्वनि → पराश्रव्य

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