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विज्ञान 🔬 Chapter-17: पर्यावरण एवं विज्ञान (Full Notes)

🌍 विज्ञान Chapter-17: पर्यावरण एवं विज्ञान

Environment • Ecosystem • Biodiversity • Pollution • Conservation • Climate

📚 अध्याय परिचय
पर्यावरण में हमारे चारों ओर उपस्थित जैविक और अजैविक घटक शामिल होते हैं। जीव और पर्यावरण एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। विज्ञान हमें प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता, प्रदूषण, पारिस्थितिक तंत्र, जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरण संरक्षण को समझने में सहायता करता है।

1️⃣ पर्यावरण की अवधारणा

पर्यावरण उन सभी जैविक और अजैविक परिस्थितियों तथा घटकों का समुच्चय है जो किसी जीव के जीवन को प्रभावित करते हैं।

पर्यावरण के प्रमुख भाग:
  • जैविक घटक — पौधे, जंतु, सूक्ष्मजीव आदि
  • अजैविक घटक — वायु, जल, मृदा, प्रकाश, तापमान आदि
याद रखें: जीव और पर्यावरण के बीच निरंतर परस्पर क्रिया होती रहती है।

2️⃣ जैविक एवं अजैविक घटक

घटक अर्थ उदाहरण
जैविक जीवित घटक पौधे, जंतु, बैक्टीरिया, कवक
अजैविक निर्जीव भौतिक एवं रासायनिक घटक जल, वायु, प्रकाश, तापमान, मृदा
महत्व: किसी पारिस्थितिक तंत्र में जैविक और अजैविक घटक एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। उदाहरण के लिए पौधों की वृद्धि के लिए प्रकाश, जल, कार्बन डाइऑक्साइड और खनिज आवश्यक हैं।

3️⃣ पारिस्थितिक तंत्र

जीवों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच होने वाली परस्पर क्रियाओं से बना कार्यात्मक तंत्र पारिस्थितिक तंत्र कहलाता है।

पारिस्थितिक तंत्र के घटक:
  • उत्पादक
  • उपभोक्ता
  • अपघटक
  • अजैविक घटक
पारिस्थितिक तंत्र उदाहरण
स्थलीय वन, घासभूमि, मरुस्थल
जलीय तालाब, झील, नदी, समुद्री तंत्र

4️⃣ खाद्य श्रृंखला

किसी पारिस्थितिक तंत्र में भोजन और ऊर्जा के स्थानांतरण का क्रम खाद्य श्रृंखला कहलाता है।

पौधा → शाकाहारी → मांसाहारी → उच्च मांसाहारी
उदाहरण:
घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
खाद्य श्रृंखला सामान्यतः उत्पादक से शुरू होती है और विभिन्न उपभोक्ता स्तरों से होकर आगे बढ़ती है।

5️⃣ खाद्य जाल एवं ऊर्जा प्रवाह

किसी पारिस्थितिक तंत्र में अनेक खाद्य श्रृंखलाएँ आपस में जुड़कर खाद्य जाल बनाती हैं।

ऊर्जा प्रवाह: ऊर्जा मुख्यतः सूर्य से उत्पादकों तक पहुँचती है और फिर विभिन्न पोषण स्तरों से होकर उपभोक्ताओं तक जाती है।
10% नियम: पारिस्थितिकी के सामान्य विद्यालयी मॉडल में एक पोषण स्तर की ऊर्जा का लगभग 10% अगले पोषण स्तर तक पहुँचता है।

ऊर्जा का प्रवाह एक दिशा में होता है, जबकि पदार्थों के चक्रण में पुनर्चक्रण की प्रक्रियाएँ शामिल होती हैं।

6️⃣ उत्पादक, उपभोक्ता एवं अपघटक

समूह कार्य उदाहरण
उत्पादक प्रकाश संश्लेषण आदि द्वारा अपना भोजन बनाते हैं हरे पौधे
प्राथमिक उपभोक्ता उत्पादकों पर निर्भर हिरण, खरगोश
द्वितीयक उपभोक्ता प्राथमिक उपभोक्ताओं को खाते हैं मेंढक, कुछ मांसाहारी
अपघटक मृत जैविक पदार्थों का अपघटन करते हैं बैक्टीरिया, कवक
अपघटकों का महत्व: वे पोषक तत्वों को पर्यावरण में वापस पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

7️⃣ प्राकृतिक संसाधन

प्रकृति से प्राप्त वे पदार्थ और संसाधन जिनका उपयोग मानव और अन्य जीव करते हैं, प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं।

संसाधन उदाहरण/महत्व
जल जीवन, कृषि और उद्योग के लिए आवश्यक
वन जैव विविधता, लकड़ी, औषधीय एवं अन्य संसाधन
मृदा कृषि एवं पौधों की वृद्धि का आधार
खनिज उद्योग एवं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में उपयोग
सूर्य ऊर्जा ऊर्जा का प्रमुख प्राकृतिक स्रोत
नवीकरणीय संसाधन: सूर्य ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल ऊर्जा जैसे संसाधन उचित परिस्थितियों में प्राकृतिक रूप से पुनः उपलब्ध हो सकते हैं।

8️⃣ जल संसाधन एवं संरक्षण

जल जीवन के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधन है। पृथ्वी पर जल की कुल मात्रा बहुत अधिक है, लेकिन मीठे और उपयोग योग्य जल की उपलब्धता सीमित है।

जल संरक्षण के उपाय:
  • वर्षा जल संचयन
  • जल का विवेकपूर्ण उपयोग
  • जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना
  • रिसाव को रोकना
  • कृषि में जल-बचत तकनीकों का उपयोग
जल चक्र: वाष्पीकरण, संघनन और वर्षण जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से जल प्रकृति में लगातार चक्रित होता रहता है।

9️⃣ वन एवं वन्यजीव संरक्षण

वन अनेक जीवों को आवास प्रदान करते हैं और जलवायु, मृदा तथा जल चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वन का महत्व विवरण
जैव विविधता अनेक पौधों और जंतुओं का आवास
मृदा संरक्षण मृदा अपरदन को कम करने में सहायता
जल चक्र जल चक्र और स्थानीय पर्यावरण को प्रभावित करते हैं
कार्बन चक्र कार्बन के चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका
संरक्षण: वनों की रक्षा, पुनर्वनीकरण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा जैव विविधता संरक्षण के महत्वपूर्ण उपाय हैं।

🔟 जैव विविधता

किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवों की विभिन्नता को जैव विविधता कहा जाता है। इसमें आनुवंशिक, प्रजातीय और पारिस्थितिक विविधता जैसे स्तर शामिल किए जा सकते हैं।

जैव विविधता का महत्व:
  • पारिस्थितिक संतुलन में योगदान
  • खाद्य एवं औषधीय संसाधनों का स्रोत
  • परागण और अन्य पारिस्थितिक सेवाओं में योगदान
  • प्राकृतिक तंत्रों की स्थिरता में भूमिका
जैव विविधता के लिए खतरे: आवास विनाश, प्रदूषण, अत्यधिक दोहन, आक्रामक प्रजातियाँ और जलवायु परिवर्तन आदि।

1️⃣1️⃣ वायु प्रदूषण

वायु में हानिकारक गैसों, कणों या अन्य प्रदूषकों की मात्रा बढ़ जाने से वायु की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिसे वायु प्रदूषण कहा जाता है।

स्रोत प्रमुख प्रदूषक/प्रभाव
वाहन विभिन्न गैसें और सूक्ष्म कण
उद्योग धुआँ, गैसें और कण
ईंधन का दहन धुआँ एवं गैसीय प्रदूषक
धूल वायु में कणों की मात्रा बढ़ा सकती है
प्रभाव: वायु प्रदूषण श्वसन स्वास्थ्य, दृश्यता, वनस्पति और पर्यावरण को प्रभावित कर सकता है।

1️⃣2️⃣ जल एवं मृदा प्रदूषण

जल में हानिकारक पदार्थों का प्रवेश जल प्रदूषण और मृदा की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले हानिकारक पदार्थों की वृद्धि को मृदा प्रदूषण से जोड़ा जाता है।

प्रदूषण प्रमुख स्रोत प्रभाव
जल प्रदूषण सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट, कृषि अपवाह जलीय जीवों और मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव
मृदा प्रदूषण कचरा, रसायन, कुछ कृषि रसायन मृदा की गुणवत्ता और जीवों पर प्रभाव
रोकथाम: अपशिष्ट का उचित उपचार, पुनर्चक्रण और जल-मृदा में हानिकारक पदार्थों के अनियंत्रित प्रवाह को रोकना आवश्यक है।

1️⃣3️⃣ ध्वनि एवं अन्य प्रदूषण

अनावश्यक या अत्यधिक ध्वनि से ध्वनि प्रदूषण हो सकता है। इसके अतिरिक्त प्रकाश, तापीय और ठोस अपशिष्ट जैसे प्रदूषण के अन्य रूप भी पर्यावरण को प्रभावित कर सकते हैं।

प्रदूषण का प्रकार उदाहरण
ध्वनि प्रदूषण वाहन, मशीनें, अत्यधिक तेज ध्वनि
ठोस अपशिष्ट प्रदूषण प्लास्टिक, घरेलू एवं औद्योगिक कचरा
प्रकाश प्रदूषण अत्यधिक कृत्रिम प्रकाश
तापीय प्रदूषण जल निकायों के तापमान में अवांछित वृद्धि
ध्वनि नियंत्रण: स्रोत पर शोर कम करना, उचित दूरी और ध्वनि अवरोधक जैसे उपाय उपयोगी हो सकते हैं।

1️⃣4️⃣ ग्रीनहाउस प्रभाव एवं ग्लोबल वार्मिंग

ग्रीनहाउस प्रभाव वह प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें वायुमंडल की कुछ गैसें पृथ्वी से निकलने वाली ऊष्मीय ऊर्जा के एक भाग को अवशोषित करके पृथ्वी को गर्म बनाए रखने में योगदान देती हैं।

प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें: कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जलवाष्प आदि।
ग्लोबल वार्मिंग: मानव गतिविधियों से ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता बढ़ने से दीर्घकालिक औसत वैश्विक तापमान में वृद्धि हो सकती है।
प्रमुख मानव गतिविधियाँ: जीवाश्म ईंधनों का दहन, वनों की कटाई और कुछ औद्योगिक तथा कृषि गतिविधियाँ।

1️⃣5️⃣ ओजोन परत

समतापमंडल में स्थित ओजोन परत सूर्य से आने वाले हानिकारक पराबैंगनी विकिरण के एक महत्वपूर्ण भाग को अवशोषित करती है।

ओजोन का महत्व: पराबैंगनी विकिरण से जीव-जगत की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका।
ओजोन क्षरण: कुछ मानव निर्मित रसायनों, विशेष रूप से पुराने समय में व्यापक रूप से उपयोग किए गए CFCs, ने ओजोन परत को नुकसान पहुँचाया। अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय समझौतों ने ऐसे पदार्थों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

1️⃣6️⃣ जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन से लंबे समय में तापमान, वर्षा, समुद्र स्तर और अन्य जलवायवीय पैटर्न में होने वाले महत्वपूर्ण बदलावों को समझा जाता है।

प्रभाव संभावित परिणाम
तापमान में वृद्धि हीटवेव और पारिस्थितिक बदलाव
वर्षा पैटर्न में बदलाव सूखा या अत्यधिक वर्षा का जोखिम
समुद्र स्तर में वृद्धि तटीय क्षेत्रों पर प्रभाव
पारिस्थितिक बदलाव प्रजातियों के आवास एवं वितरण में परिवर्तन
जलवायु कार्रवाई के दो प्रमुख पक्ष:
  • शमन — ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना
  • अनुकूलन — बदलती जलवायु के प्रभावों के अनुसार तैयारी करना

1️⃣7️⃣ कचरा प्रबंधन एवं सतत विकास

कचरे का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कचरे को कम करना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण संसाधनों के संरक्षण में सहायता करते हैं।

Reduce → Reuse → Recycle
उपाय अर्थ
Reduce कचरे और अनावश्यक खपत को कम करना
Reuse वस्तुओं का पुनः उपयोग करना
Recycle उपयोग की गई सामग्री से नए उपयोगी पदार्थ बनाना
सतत विकास: वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को प्रभावित न करने वाला विकास सतत विकास की मूल अवधारणा से जुड़ा है।

1️⃣8️⃣ पर्यावरण संरक्षण में विज्ञान की भूमिका

विज्ञान और तकनीक पर्यावरण की निगरानी, प्रदूषण नियंत्रण, संसाधन संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

विज्ञान के प्रमुख योगदान:
  • सौर और पवन ऊर्जा जैसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीक
  • जल शोधन एवं पुनर्चक्रण तकनीक
  • प्रदूषण की निगरानी
  • कचरा प्रबंधन एवं पुनर्चक्रण
  • जैव विविधता का वैज्ञानिक अध्ययन
  • जलवायु एवं मौसम का अध्ययन
  • ऊर्जा दक्षता बढ़ाने वाली तकनीक
मुख्य विचार: विज्ञान केवल पर्यावरणीय समस्याओं को समझने का साधन नहीं है, बल्कि उनके समाधान के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक विकल्प विकसित करने में भी सहायक है।

1️⃣9️⃣ One Liner Quick Revision

1. पर्यावरण में जैविक और अजैविक दोनों घटक शामिल होते हैं।

2. पौधे पारिस्थितिक तंत्र के प्रमुख उत्पादक हैं।

3. जीवों और उनके पर्यावरण से मिलकर पारिस्थितिक तंत्र बनता है।

4. खाद्य श्रृंखला सामान्यतः उत्पादक से शुरू होती है।

5. अनेक खाद्य श्रृंखलाओं के आपस में जुड़ने से खाद्य जाल बनता है।

6. बैक्टीरिया और कवक प्रमुख अपघटकों के उदाहरण हैं।

7. सूर्य पारिस्थितिक तंत्र के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।

8. जल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है।

9. वर्षा जल संचयन जल संरक्षण का एक उपाय है।

10. वन जैव विविधता और मृदा संरक्षण में महत्वपूर्ण हैं।

11. जीवों की विविधता को जैव विविधता कहा जाता है।

12. वायु में हानिकारक प्रदूषकों की वृद्धि वायु प्रदूषण कहलाती है।

13. दूषित जल से अनेक जलजनित रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।

14. अत्यधिक या अनावश्यक ध्वनि ध्वनि प्रदूषण का कारण बन सकती है।

15. ग्रीनहाउस प्रभाव एक प्राकृतिक वायुमंडलीय प्रक्रिया है।

16. CO₂ प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों में से एक है।

17. ओजोन परत UV विकिरण के एक भाग को अवशोषित करती है।

18. जलवायु परिवर्तन में दीर्घकालिक जलवायवीय बदलाव शामिल होते हैं।

19. Reduce, Reuse और Recycle कचरा प्रबंधन की प्रमुख अवधारणाएँ हैं।

20. विज्ञान पर्यावरण संरक्षण और संसाधन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2️⃣0️⃣ Exam Important Points

  • जैविक और अजैविक घटकों में अंतर याद रखें।
  • पारिस्थितिक तंत्र के प्रमुख घटकों को समझें।
  • खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल में अंतर समझें।
  • उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक के कार्य याद रखें।
  • ऊर्जा प्रवाह की दिशा और पोषण स्तर समझें।
  • प्राकृतिक संसाधनों और उनके संरक्षण के उपाय दोहराएँ।
  • जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन का महत्व याद रखें।
  • वन एवं जैव विविधता संरक्षण के महत्व को समझें।
  • वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण के स्रोत याद रखें।
  • ग्रीनहाउस प्रभाव और ग्लोबल वार्मिंग में अंतर समझें।
  • ओजोन परत के महत्व को याद रखें।
  • जलवायु परिवर्तन के प्रमुख प्रभावों को समझें।
  • Reduce, Reuse और Recycle की अवधारणा याद रखें।
  • सतत विकास का अर्थ समझें।
  • पर्यावरण संरक्षण में विज्ञान एवं तकनीक की भूमिका को दोहराएँ।

📌 Chapter Summary

पर्यावरण में जैविक और अजैविक घटक शामिल होते हैं। इनके बीच परस्पर क्रियाओं से पारिस्थितिक तंत्र बनते हैं। खाद्य श्रृंखला, खाद्य जाल और ऊर्जा प्रवाह पारिस्थितिकी की प्रमुख अवधारणाएँ हैं।

प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, जैव विविधता संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण भाग हैं। ग्रीनहाउस प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन भी आधुनिक पर्यावरण अध्ययन के महत्वपूर्ण विषय हैं।

🎯 परीक्षा के लिए फोकस: पारिस्थितिक तंत्र, खाद्य श्रृंखला, प्राकृतिक संसाधन, जैव विविधता, प्रदूषण, ग्रीनहाउस प्रभाव, ओजोन परत, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास को विशेष रूप से दोहराएँ।

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