📖 हिन्दी ✍️ अध्याय-15: अपठित गद्यांश
20 महत्वपूर्ण मौलिक अभ्यास गद्यांश • प्रश्न • उत्तर • Quick Revision
📚 अपठित गद्यांश की तैयारी
अपठित गद्यांश में किसी ऐसे गद्यांश पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं जिसे विद्यार्थी ने पहले से नहीं पढ़ा होता। इसलिए केवल कुछ निश्चित गद्यांश याद करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थी को अलग-अलग विषयों के गद्यांश पढ़कर उनमें मुख्य भाव, तथ्य, शब्दार्थ, विलोम, पर्यायवाची, शीर्षक, कारण और निष्कर्ष आदि पहचानने का अभ्यास करना चाहिए।
📑 विषय-सूची
- समय का महत्व
- शिक्षा का महत्व
- अनुशासन
- पर्यावरण संरक्षण
- जल संरक्षण
- वृक्षों का महत्व
- स्वच्छता
- परिश्रम और सफलता
- आत्मविश्वास
- ईमानदारी
- पुस्तक और अध्ययन
- विज्ञान और मानव जीवन
- तकनीक और विद्यार्थी
- स्वास्थ्य और संतुलित जीवन
- प्रकृति और मानव
- ग्रामीण जीवन
- भारतीय संस्कृति
- सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी
- राष्ट्र निर्माण में युवा
- शिक्षक और विद्यार्थी
1️⃣ अपठित गद्यांश – समय का महत्व
समय मनुष्य के जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्तियों में से एक है। धन खो जाने पर उसे फिर से कमाया जा सकता है, लेकिन बीता हुआ समय वापस नहीं आता। जो विद्यार्थी समय का सही उपयोग करता है, वह अपने कार्यों को व्यवस्थित ढंग से पूरा कर सकता है। समय का सदुपयोग केवल अधिक काम करना नहीं है, बल्कि आवश्यक कार्य को उचित समय पर पूरा करना भी है। आलस्य और टालमटोल करने की आदत व्यक्ति को पीछे कर देती है। इसके विपरीत नियमित अध्ययन, विश्राम और अन्य कार्यों के लिए समय निर्धारित करने से जीवन में संतुलन बना रहता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने समय का मूल्य समझना चाहिए और आज के कार्य को अनावश्यक रूप से कल पर नहीं छोड़ना चाहिए।
2️⃣ अपठित गद्यांश – शिक्षा का महत्व
शिक्षा मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण साधन है। शिक्षा केवल पुस्तकों की जानकारी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि सही और गलत में अंतर समझना भी है। शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकता है। शिक्षा व्यक्ति में तर्क करने, प्रश्न पूछने और समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता विकसित करती है। एक अच्छी शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनने में सहायता करती है। समाज की प्रगति भी शिक्षा के स्तर से जुड़ी होती है। जब अधिक लोग शिक्षित होते हैं तो वे अपने परिवार, समाज और देश के विकास में अधिक प्रभावी योगदान दे सकते हैं। इसलिए शिक्षा को जीवनभर सीखने की प्रक्रिया के रूप में देखना चाहिए।
3️⃣ अपठित गद्यांश – अनुशासन
अनुशासन जीवन को व्यवस्थित बनाने वाली आदत है। इसका अर्थ केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि अपने समय, व्यवहार और जिम्मेदारियों को उचित ढंग से नियंत्रित करना भी है। विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व होता है। नियमित अध्ययन, समय पर विद्यालय पहुँचना, गृहकार्य पूरा करना और दूसरों का सम्मान करना अनुशासन के उदाहरण हैं। अनुशासित व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से भटकने की संभावना कम करता है। अनुशासन बाहरी दबाव से अधिक आत्मनियंत्रण पर आधारित होना चाहिए। जब व्यक्ति स्वयं अपने कार्यों की जिम्मेदारी समझता है, तब अनुशासन उसके व्यक्तित्व का स्वाभाविक हिस्सा बन जाता है।
4️⃣ अपठित गद्यांश – पर्यावरण संरक्षण
पर्यावरण हमारे चारों ओर उपस्थित प्राकृतिक और मानवीय परिस्थितियों का समुच्चय है। स्वच्छ वायु, जल, मिट्टी, पेड़-पौधे और जीव-जंतु हमारे जीवन के लिए आवश्यक हैं। आधुनिक जीवन में बढ़ती आवश्यकताओं के कारण प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। वाहनों का धुआँ, प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग और कचरे का अनुचित निपटान पर्यावरण को प्रभावित करते हैं। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक छोटे-छोटे प्रयासों से इसमें योगदान दे सकता है। जल और बिजली की बचत, पेड़ लगाना, कचरे को उचित स्थान पर डालना और अनावश्यक प्लास्टिक से बचना ऐसे कदम हैं जो पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को दर्शाते हैं।
5️⃣ अपठित गद्यांश – जल संरक्षण
जल जीवन की मूल आवश्यकताओं में शामिल है। मनुष्य, पशु, पेड़-पौधे और कृषि सभी किसी न किसी रूप में जल पर निर्भर हैं। वर्षा के जल का उचित संचयन और भूजल का संतुलित उपयोग जल संरक्षण के महत्वपूर्ण उपाय हैं। घरों में नल खुला छोड़ना, आवश्यकता से अधिक पानी बहाना और जलस्रोतों को प्रदूषित करना भविष्य के लिए समस्या पैदा कर सकता है। जल बचाने के लिए दैनिक जीवन में छोटी-छोटी आदतों को अपनाना आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी आवश्यकता के अनुसार पानी का उपयोग करे और उसे व्यर्थ बहने से रोके, तो जल की बचत में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी भी है।
6️⃣ अपठित गद्यांश – वृक्षों का महत्व
वृक्ष प्रकृति के महत्वपूर्ण अंग हैं। वे वातावरण को संतुलित रखने में सहायता करते हैं और अनेक जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं। वृक्षों से हमें फल, लकड़ी, औषधीय सामग्री और अन्य उपयोगी वस्तुएँ प्राप्त होती हैं। पेड़ मिट्टी को बाँधने और जलचक्र को बनाए रखने में भी सहायक होते हैं। शहरों के विस्तार और विभिन्न मानवीय गतिविधियों के कारण वृक्षों की संख्या कई स्थानों पर कम हुई है। इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पुराने वृक्षों की रक्षा करना भी आवश्यक है। केवल पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है; उसकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। वृक्षों की रक्षा करके हम प्रकृति और अपने भविष्य दोनों की रक्षा करते हैं।
7️⃣ अपठित गद्यांश – स्वच्छता
स्वच्छता स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। घर, विद्यालय और सार्वजनिक स्थानों की सफाई केवल देखने में अच्छी लगने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी आवश्यक है। गंदगी के कारण अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय उचित स्थान पर डालना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। व्यक्तिगत स्वच्छता में हाथ धोना, साफ कपड़े पहनना और आसपास के वातावरण को साफ रखना शामिल है। स्वच्छता की आदत बचपन से विकसित की जाए तो व्यक्ति जीवनभर उसका पालन कर सकता है। स्वच्छ वातावरण व्यक्ति को स्वस्थ और व्यवस्थित जीवन जीने में सहायता करता है।
8️⃣ अपठित गद्यांश – परिश्रम और सफलता
सफलता प्राप्त करने के लिए केवल इच्छा करना पर्याप्त नहीं होता। लक्ष्य तक पहुँचने के लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और सही दिशा में मेहनत आवश्यक है। कई बार व्यक्ति को पहली कोशिश में सफलता नहीं मिलती। ऐसी स्थिति में असफलता से सीख लेकर अपनी तैयारी में सुधार करना चाहिए। परिश्रम का अर्थ बिना योजना के लगातार काम करते रहना नहीं है। बुद्धिमत्तापूर्ण परिश्रम में लक्ष्य निर्धारित करना, अपनी कमियों को पहचानना और उनके सुधार के लिए उचित प्रयास करना शामिल है। जो व्यक्ति कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनसे सीखता है, वह धीरे-धीरे अपने लक्ष्य के निकट पहुँच सकता है। इसलिए सफलता के मार्ग में धैर्य और निरंतरता का विशेष महत्व है।
9️⃣ अपठित गद्यांश – आत्मविश्वास
आत्मविश्वास का अर्थ अपनी क्षमताओं को पहचानना और कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास करते रहना है। आत्मविश्वासी व्यक्ति अपनी कमियों को छिपाने के बजाय उन्हें समझने और सुधारने का प्रयास करता है। विद्यार्थी के लिए आत्मविश्वास विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि पढ़ाई और परीक्षा के दौरान कई चुनौतियाँ सामने आती हैं। आत्मविश्वास का अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति अपनी हर बात को सही माने। वास्तविक आत्मविश्वास व्यक्ति को अपनी गलतियों को स्वीकार करने और उनसे सीखने की क्षमता देता है। उचित तैयारी, अभ्यास और सकारात्मक सोच से आत्मविश्वास को मजबूत किया जा सकता है।
🔟 अपठित गद्यांश – ईमानदारी
ईमानदारी व्यक्ति के चरित्र की महत्वपूर्ण विशेषता है। ईमानदार व्यक्ति अपने लाभ के लिए जानबूझकर किसी दूसरे व्यक्ति को धोखा देने का प्रयास नहीं करता। ईमानदारी केवल बड़ी परिस्थितियों में ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की छोटी-छोटी बातों में भी दिखाई देती है। विद्यार्थी परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग न करके ईमानदारी का परिचय दे सकता है। यदि किसी व्यक्ति से गलती हो जाए तो उसे स्वीकार करना भी ईमानदारी का एक रूप है। ईमानदारी से व्यक्ति के प्रति दूसरों का विश्वास मजबूत होता है। विश्वास प्राप्त करने में समय लग सकता है, लेकिन उसे बनाए रखने के लिए सत्यनिष्ठ व्यवहार आवश्यक है।
1️⃣1️⃣ अपठित गद्यांश – पुस्तक और अध्ययन
पुस्तकें ज्ञान प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अच्छी पुस्तकें हमें विभिन्न विषयों, विचारों और अनुभवों से परिचित कराती हैं। अध्ययन का लाभ तभी अधिक मिलता है जब विद्यार्थी पढ़ी हुई सामग्री को समझने का प्रयास करे। केवल पंक्तियाँ याद कर लेना और विषय का अर्थ न समझना लंबे समय तक उपयोगी नहीं रहता। नियमित अध्ययन के साथ प्रश्न पूछना, नोट्स बनाना और सीखी हुई बातों को दोहराना भी आवश्यक है। पुस्तकें व्यक्ति की कल्पना और विचारशक्ति को विकसित करने में सहायता कर सकती हैं। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बावजूद पुस्तकों का महत्व समाप्त नहीं हुआ है। पढ़ने की आदत व्यक्ति को निरंतर सीखने की दिशा में आगे बढ़ाती है।
1️⃣2️⃣ अपठित गद्यांश – विज्ञान और मानव जीवन
विज्ञान ने मानव जीवन को अनेक प्रकार से प्रभावित किया है। परिवहन, संचार, चिकित्सा और कृषि के क्षेत्र में वैज्ञानिक ज्ञान के कारण अनेक सुविधाएँ विकसित हुई हैं। आज लोग दूर बैठे व्यक्तियों से कुछ ही समय में संपर्क कर सकते हैं और अनेक रोगों की पहचान तथा उपचार के लिए आधुनिक साधनों का उपयोग किया जाता है। विज्ञान स्वयं अच्छा या बुरा नहीं होता; उसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि मनुष्य उसका उपयोग किस उद्देश्य से करता है। इसलिए वैज्ञानिक प्रगति के साथ जिम्मेदारी और विवेक भी आवश्यक है। विज्ञान का उद्देश्य केवल सुविधाएँ बढ़ाना नहीं, बल्कि समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने में मानव की सहायता करना भी है।
1️⃣3️⃣ अपठित गद्यांश – तकनीक और विद्यार्थी
तकनीक ने विद्यार्थियों के सीखने के तरीकों में कई परिवर्तन किए हैं। इंटरनेट और डिजिटल साधनों की सहायता से विद्यार्थी विभिन्न विषयों की जानकारी तक आसानी से पहुँच सकते हैं। वीडियो, डिजिटल पुस्तकें और ऑनलाइन अभ्यास सामग्री सीखने को अधिक विविध बना सकती हैं। लेकिन तकनीक का उपयोग उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए। यदि विद्यार्थी अध्ययन के बजाय लंबे समय तक अनावश्यक सामग्री में व्यस्त रहता है, तो उसका समय और ध्यान दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए डिजिटल साधनों का उपयोग करते समय समय-सीमा निर्धारित करना और स्रोत की विश्वसनीयता जाँचना आवश्यक है। तकनीक सीखने का साधन है; वह विद्यार्थी के प्रयास और समझ का स्थान पूरी तरह नहीं ले सकती।
1️⃣4️⃣ अपठित गद्यांश – स्वास्थ्य और संतुलित जीवन
स्वस्थ जीवन के लिए केवल बीमारी से बचना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित भोजन, पर्याप्त विश्राम, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वच्छता जैसी आदतें भी महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ उचित विश्राम और दैनिक गतिविधियों के लिए समय निकालना आवश्यक है। लगातार बैठकर काम करने के बजाय बीच-बीच में शरीर को सक्रिय रखना उपयोगी हो सकता है। भोजन में विविध और पौष्टिक पदार्थों को उचित मात्रा में शामिल करना भी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य संबंधी किसी गंभीर समस्या में योग्य चिकित्सक की सलाह लेना उचित है। स्वस्थ शरीर और व्यवस्थित दिनचर्या व्यक्ति को अपने दैनिक कार्यों को बेहतर ढंग से करने में सहायता करती है।
1️⃣5️⃣ अपठित गद्यांश – प्रकृति और मानव
प्रकृति और मानव का संबंध बहुत पुराना है। मनुष्य भोजन, जल, वायु और अनेक प्राकृतिक संसाधनों के लिए प्रकृति पर निर्भर रहा है। प्रकृति केवल संसाधनों का भंडार नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित रखने वाली व्यवस्था भी है। जब मनुष्य प्राकृतिक संसाधनों का आवश्यकता से अधिक उपयोग करता है, तब पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो सकता है। विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। ऐसी योजनाएँ अधिक उपयोगी हो सकती हैं जिनमें आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं के साथ पर्यावरण का भी ध्यान रखा जाए। प्रकृति की रक्षा करना वास्तव में मानव जीवन की दीर्घकालीन सुरक्षा से जुड़ा हुआ विषय है।
1️⃣6️⃣ अपठित गद्यांश – ग्रामीण जीवन
ग्रामीण जीवन का संबंध प्रकृति, कृषि और सामुदायिक जीवन से गहराई से जुड़ा रहा है। गाँवों में लोग अक्सर एक-दूसरे के दैनिक जीवन से परिचित होते हैं और कई अवसरों पर सामूहिक रूप से कार्य करते हैं। कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, हालांकि आज ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, व्यापार, सेवा और अन्य व्यवसायों के अवसर भी बढ़ रहे हैं। आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से गाँवों में अनेक परिवर्तन आए हैं। फिर भी ग्रामीण जीवन की अपनी सामाजिक परंपराएँ और स्थानीय विशेषताएँ बनी हुई हैं। ग्रामीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का संतुलित विकास आवश्यक है।
1️⃣7️⃣ अपठित गद्यांश – भारतीय संस्कृति
भारतीय संस्कृति अनेक परंपराओं, भाषाओं, कलाओं, विचारों और जीवन-पद्धतियों का व्यापक रूप है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में खान-पान, वेशभूषा, लोककलाओं और उत्सवों में विविधता दिखाई देती है। इस विविधता के साथ अनेक ऐसे मूल्य भी मिलते हैं जिनमें परिवार, अतिथि-सत्कार, सहयोग और परस्पर सम्मान को महत्व दिया जाता है। संस्कृति स्थिर वस्तु नहीं होती; समय के साथ उसमें परिवर्तन भी आते हैं। नई परिस्थितियों और विचारों को स्वीकार करते हुए अपनी उपयोगी परंपराओं को समझना और सुरक्षित रखना सांस्कृतिक चेतना का हिस्सा है। अपनी संस्कृति का सम्मान करने के साथ अन्य संस्कृतियों के प्रति सम्मान रखना भी आवश्यक है।
1️⃣8️⃣ अपठित गद्यांश – सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी
समाज अनेक व्यक्तियों के सहयोग से चलता है। प्रत्येक व्यक्ति के कुछ अधिकार होते हैं, तो कुछ जिम्मेदारियाँ भी होती हैं। सड़क पर नियमों का पालन करना, सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना, जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना सामाजिक जिम्मेदारी के उदाहरण हैं। केवल अपने हित के बारे में सोचना समाज के संतुलन के लिए पर्याप्त नहीं है। जब लोग एक-दूसरे की आवश्यकताओं को समझते हैं और मिलकर समस्याओं का समाधान खोजते हैं, तब सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं। सहयोग का अर्थ अपनी जिम्मेदारी से बचना नहीं, बल्कि अपनी भूमिका को निभाते हुए आवश्यकता पड़ने पर दूसरों का साथ देना है।
1️⃣9️⃣ अपठित गद्यांश – राष्ट्र निर्माण में युवा
युवा किसी भी समाज की महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। उनकी ऊर्जा, सीखने की क्षमता और नए विचार समाज में परिवर्तन लाने में सहायक हो सकते हैं। राष्ट्र निर्माण केवल बड़े कार्यों से नहीं होता; शिक्षा प्राप्त करना, जिम्मेदारी से कार्य करना, नियमों का पालन करना और समाज के प्रति संवेदनशील रहना भी राष्ट्र निर्माण का हिस्सा है। युवाओं को अपने कौशल का विकास करने के साथ समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सकारात्मक योगदान देने का प्रयास करना चाहिए। तकनीक और ज्ञान के बदलते क्षेत्र युवाओं के सामने नए अवसर भी प्रस्तुत करते हैं। सही दिशा, शिक्षा और जिम्मेदारी के साथ युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
2️⃣0️⃣ अपठित गद्यांश – शिक्षक और विद्यार्थी
शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध शिक्षा की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षक केवल विषय की जानकारी देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों को सीखने की दिशा समझने में भी सहायता करता है। विद्यार्थी की भूमिका भी केवल शिक्षक की बात सुनने तक सीमित नहीं है। उसे प्रश्न पूछना, विषय को समझना, अभ्यास करना और अपनी कठिनाइयों को बताना चाहिए। एक अच्छा शिक्षण वातावरण वह होता है जिसमें विद्यार्थी बिना अनावश्यक भय के प्रश्न पूछ सके और अपनी गलतियों से सीख सके। शिक्षक को विद्यार्थियों की अलग-अलग आवश्यकताओं को समझते हुए शिक्षण में उचित परिवर्तन करने का प्रयास करना चाहिए। इस प्रकार शिक्षा एक सहयोगात्मक प्रक्रिया बन जाती है।
🎯 अपठित गद्यांश हल करने की सही रणनीति
- सबसे पहले पूरे गद्यांश को ध्यान से पढ़ें।
- गद्यांश का मुख्य विषय समझने का प्रयास करें।
- प्रश्न पढ़ते समय गद्यांश में संबंधित तथ्य खोजें।
- शब्दार्थ वाले प्रश्नों में शब्द का संदर्भ देखें।
- शीर्षक ऐसा चुनें जो पूरे गद्यांश के भाव को व्यक्त करे।
- केवल अपनी सामान्य जानकारी के आधार पर उत्तर न दें; पहले गद्यांश में दी गई जानकारी देखें।
- कारण और निष्कर्ष वाले प्रश्नों में गद्यांश के विचारों को जोड़कर उत्तर दें।
- उत्तर बहुत लंबा लिखने के बजाय प्रश्न के अनुसार सटीक रखें।
📝 Quick One Liner Revision
⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- अपठित गद्यांश में विषय पहले से निश्चित नहीं होता।
- गद्यांश को समझकर उत्तर देना केवल उत्तर याद करने से अधिक महत्वपूर्ण है।
- मुख्य भाव और शीर्षक में पूरे गद्यांश की भावना का ध्यान रखें।
- शब्दार्थ और विलोम के लिए संदर्भ को समझें।
- तथ्यात्मक प्रश्नों में गद्यांश की जानकारी को प्राथमिकता दें।
- कारण और निष्कर्ष वाले प्रश्नों में गद्यांश के विचारों को जोड़कर देखें।
- प्रश्न के अनुसार संक्षिप्त और स्पष्ट उत्तर दें।
- समय बचाने के लिए प्रश्नों को अनावश्यक रूप से बार-बार न पढ़ें।
- अलग-अलग विषयों के गद्यांशों का नियमित अभ्यास करें।
- केवल इन 20 गद्यांशों तक सीमित न रहें; नए गद्यांशों का भी अभ्यास करते रहें।
📚 अध्याय-15 सारांश
अपठित गद्यांश की तैयारी का सबसे अच्छा तरीका विभिन्न विषयों के गद्यांशों को पढ़कर उनके मुख्य भाव, तथ्य, शब्दार्थ, विलोम, शीर्षक, कारण और निष्कर्ष को समझने का अभ्यास करना है। इस अध्याय में समय, शिक्षा, अनुशासन, पर्यावरण, जल, वृक्ष, स्वच्छता, परिश्रम, आत्मविश्वास, ईमानदारी, पुस्तक, विज्ञान, तकनीक, स्वास्थ्य, प्रकृति, ग्रामीण जीवन, संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी, युवा और शिक्षक-विद्यार्थी संबंध जैसे अलग-अलग विषयों पर 20 मौलिक अभ्यास गद्यांश दिए गए हैं।

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