Home गीता सार गीता श्लोक अनुवाद Jakhai Baba UP Board Material GS Kitaab

Ads Area

हिन्दी ✍️ अध्याय-6: उपसर्ग एवं प्रत्यय (Full Notes)

📚 हिन्दी व्याकरण
अध्याय-6: उपसर्ग एवं प्रत्यय
Full Notes • Complete Chapter • Quick Revision
📖 अध्याय परिचय
शब्द-रचना हिन्दी व्याकरण का महत्वपूर्ण भाग है। किसी मूल शब्द के पहले कुछ जोड़कर नया शब्द बनाया जाता है तो उसे उपसर्ग के माध्यम से समझा जाता है, जबकि मूल शब्द या धातु के अंत में कुछ जोड़कर बने नए शब्दों को प्रत्यय की सहायता से समझा जाता है। इस अध्याय में उपसर्ग एवं प्रत्यय की परिभाषा, प्रकार, उदाहरण और पहचानने की सरल विधि को व्यवस्थित रूप से समझाया गया है।

1️⃣ उपसर्ग एवं प्रत्यय का परिचय

उपसर्ग और प्रत्यय दोनों शब्द-रचना के महत्वपूर्ण साधन हैं। इनके प्रयोग से मूल शब्द के अर्थ में परिवर्तन या विस्तार हो सकता है और नए शब्द बनते हैं।

उपसर्ग: जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है, वह उपसर्ग कहलाता है।

प्रत्यय: जो शब्दांश किसी शब्द या धातु के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है, वह प्रत्यय कहलाता है।
सरल सूत्र:

उपसर्ग + मूल शब्द = नया शब्द
मूल शब्द/धातु + प्रत्यय = नया शब्द

2️⃣ उपसर्ग की परिभाषा

जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।

उदाहरण:

प्र + हार = प्रहार
अनु + शासन = अनुशासन
अ + योग्य = अयोग्य
उप + कार = उपकार

इन उदाहरणों में प्र, अनु, अ और उप मूल शब्दों के पहले जुड़कर नए शब्द बना रहे हैं।

3️⃣ उपसर्ग की प्रमुख विशेषताएँ

  • उपसर्ग सामान्यतः मूल शब्द के पहले लगाया जाता है।
  • उपसर्ग अपने आप में स्वतंत्र शब्द न होकर शब्दांश के रूप में प्रयुक्त होता है।
  • उपसर्ग के जुड़ने से मूल शब्द के अर्थ में परिवर्तन या विशेषता आ सकती है।
  • एक ही उपसर्ग अलग-अलग शब्दों के साथ जुड़कर अलग-अलग शब्द बना सकता है।
  • उपसर्ग की पहचान उसके स्थान और उससे बने शब्द के अर्थ के आधार पर की जाती है।
उदाहरण:
अ + सत्य = असत्य
अ + शुद्ध = अशुद्ध
अ + संभव = असंभव

4️⃣ उपसर्ग के प्रमुख भेद

हिन्दी में प्रयुक्त उपसर्गों को उनके स्रोत के आधार पर अलग-अलग वर्गों में समझा जाता है। सामान्य अध्ययन के लिए इन्हें मुख्यतः निम्न रूपों में देखा जाता है:

प्रकार उदाहरण
संस्कृत के उपसर्ग प्र, परा, अप, सम्, अनु, अव आदि
हिन्दी के उपसर्ग अ-, अन-, भर-, बिन-, कु- आदि
विदेशी उपसर्ग बे-, बद-, ला-, कम- आदि
नोट: विभिन्न व्याकरण पुस्तकों में उपसर्गों के वर्गीकरण और उदाहरणों में कुछ अंतर मिल सकता है। परीक्षा में दिए गए शब्द की वास्तविक रचना और प्रचलित व्याकरणिक रूप को ध्यान से देखें।

5️⃣ संस्कृत के उपसर्ग

संस्कृत भाषा से हिन्दी में आए अनेक उपसर्ग शब्दों के निर्माण में प्रयुक्त होते हैं। संस्कृत व्याकरण में प्रचलित उपसर्गों की सूची महत्वपूर्ण मानी जाती है।

उपसर्ग उदाहरण
प्रप्रहार, प्रगति
परापराजय, पराभव
अपअपमान, अपकार
सम्सम्मान, संग्रह
अनुअनुकरण, अनुशासन
अवअवतरण, अवरोध
उपउपकार, उपदेश
विवियोग, विकास
अतिअतिक्रमण, अतिशय

6️⃣ हिन्दी के उपसर्ग

हिन्दी में प्रचलित कुछ उपसर्ग देशी प्रयोगों से जुड़े हैं। इनसे बने शब्द सामान्य हिन्दी में व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं।

उपसर्ग उदाहरण
अअभर, अजान
अनअनपढ़, अनदेखा
बिनबिनकाम, बिनब्याहा
भरभरपेट, भरपूर
कुकुपात्र, कुपथ
महत्वपूर्ण: किसी शब्द के आरंभ में आया प्रत्येक अक्षर या शब्दांश उपसर्ग नहीं होता। वास्तविक शब्द-रचना और अर्थ के आधार पर पहचान करनी चाहिए।

7️⃣ विदेशी उपसर्ग

अरबी, फारसी, अंग्रेजी आदि भाषाओं के संपर्क से हिन्दी में अनेक शब्द आए हैं। इनमें कुछ विदेशी शब्दांश उपसर्ग के रूप में प्रयुक्त होते हैं।

उपसर्ग उदाहरण
बेबेकार, बेईमान
बदबदनाम, बदसूरत
लालापरवाह
कमकमजोर

8️⃣ उपसर्ग से बने महत्वपूर्ण शब्द

उपसर्ग मूल शब्द नया शब्द
प्रहारप्रहार
उपकारउपकार
अनुशासनअनुशासन
अयोग्यअयोग्य
बेकारबेकार
बदनामबदनाम

9️⃣ उपसर्ग पहचानने की विधि

किसी शब्द में उपसर्ग पहचानने के लिए निम्न चरण उपयोगी हैं:

① सबसे पहले शब्द का मूल रूप समझें।

② देखें कि शब्द के आरंभ में कोई ऐसा शब्दांश है जिसे अलग किया जा सकता है।

③ अलग किए गए शब्दांश को हटाने पर मूल शब्द अर्थपूर्ण रहना चाहिए।

④ देखें कि उस शब्दांश के जुड़ने से अर्थ में परिवर्तन या विशेषता आई है या नहीं।
उदाहरण: अ + योग्य = अयोग्य
यहाँ “अ” उपसर्ग है और “योग्य” मूल शब्द है।

🔟 प्रत्यय की परिभाषा

जो शब्दांश किसी शब्द या धातु के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं।

उदाहरण:

पढ़ + आई = पढ़ाई
लिख + आक = लिखाक
सुंदर + ता = सुंदरता
मित्र + ता = मित्रता
सरल सूत्र:

मूल शब्द/धातु + प्रत्यय = नया शब्द

1️⃣1️⃣ प्रत्यय की प्रमुख विशेषताएँ

  • प्रत्यय सामान्यतः मूल शब्द या धातु के अंत में जुड़ता है।
  • प्रत्यय के जुड़ने से नया शब्द बनता है।
  • प्रत्यय के कारण शब्द के अर्थ या शब्द-भेद में परिवर्तन हो सकता है।
  • प्रत्यय शब्द-निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
  • प्रत्यय की पहचान शब्द के अंतिम भाग और शब्द-रचना के आधार पर की जाती है।
उदाहरण:
सुंदर + ता = सुंदरता
मित्र + ता = मित्रता
बालक + पन = बालकपन

1️⃣2️⃣ प्रत्यय के प्रमुख भेद

हिन्दी व्याकरण में प्रत्यय के प्रमुख भेदों को सामान्यतः दो मुख्य वर्गों में समझा जाता है:

✍️
कृत प्रत्यय
धातु से शब्द बनाने वाले प्रत्यय।
📝
तद्धित प्रत्यय
संज्ञा या अन्य आधार शब्दों से नए शब्द बनाने वाले प्रत्यय।
याद रखने की बात: कृत प्रत्यय का संबंध मुख्यतः धातु से और तद्धित प्रत्यय का संबंध आधार शब्द से समझा जाता है।

1️⃣3️⃣ कृत प्रत्यय

जो प्रत्यय धातुओं के अंत में लगकर नए शब्द बनाते हैं, उन्हें कृत प्रत्यय कहते हैं। इनसे बने शब्दों को कृदंत शब्द भी कहा जाता है।

धातु/मूल प्रत्यय शब्द
पढ़आपढ़ा
लिखआलिखा
चलनाचलना
पढ़आईपढ़ाई

1️⃣4️⃣ कृत प्रत्यय से बने शब्द

कृत प्रत्यय के माध्यम से धातु से अनेक प्रकार के शब्द बनाए जाते हैं। परीक्षा की दृष्टि से कुछ सामान्य उदाहरण उपयोगी हैं।

मूल/धातु प्रत्यय नया शब्द
पढ़आईपढ़ाई
लिखआईलिखाई
बुनआबुनाई
चलनाचलना
पढ़नेपढ़ने

1️⃣5️⃣ तद्धित प्रत्यय

जो प्रत्यय संज्ञा या अन्य आधार शब्दों के अंत में लगकर नए शब्द बनाते हैं, उन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं।

उदाहरण:

सुंदर + ता = सुंदरता
मित्र + ता = मित्रता
मानव + ता = मानवता
बालक + पन = बालकपन

तद्धित प्रत्यय के माध्यम से गुण, भाव, संबंध, अवस्था आदि से जुड़े अनेक शब्द बनाए जाते हैं।

1️⃣6️⃣ तद्धित प्रत्यय से बने शब्द

मूल शब्द प्रत्यय नया शब्द
सुंदरतासुंदरता
मित्रतामित्रता
मानवतामानवता
बालकपनबालकपन
मधुरतामधुरता
अपनापनअपनापन

1️⃣7️⃣ उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर

आधार उपसर्ग प्रत्यय
स्थान शब्द के पहले शब्द/धातु के बाद
कार्य अर्थ में परिवर्तन या विशेषता नया शब्द बनाने में सहायता
उदाहरण अ + योग्य = अयोग्य सुंदर + ता = सुंदरता

1️⃣8️⃣ उपसर्ग-प्रत्यय से शब्द निर्माण

शब्द-रचना में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कई बार किसी शब्द में उपसर्ग या प्रत्यय के प्रयोग से उसके अर्थ या रूप में परिवर्तन दिखाई देता है।

उपसर्ग का उदाहरण:
अ + योग्य = अयोग्य
प्रत्यय का उदाहरण:
सुंदर + ता = सुंदरता
दोनों की तुलना:
उपसर्ग → पहले जुड़ता है।
प्रत्यय → बाद में जुड़ता है।

1️⃣9️⃣ उपसर्ग एवं प्रत्यय पहचानने की विधि

परीक्षा में शब्द देखकर उपसर्ग या प्रत्यय पहचानने के लिए शब्द को उसके मूल रूप में समझना सबसे उपयोगी तरीका है।

🔹 उपसर्ग के लिए:
शब्द के आरंभिक भाग को देखें। यदि कोई शब्दांश मूल शब्द के पहले जुड़कर नया अर्थ दे रहा है, तो वह उपसर्ग हो सकता है।

🔹 प्रत्यय के लिए:
शब्द के अंतिम भाग को देखें। यदि कोई शब्दांश मूल शब्द या धातु के अंत में जुड़कर नया शब्द बना रहा है, तो वह प्रत्यय हो सकता है।

🔹 अंतिम जाँच:
केवल शब्द के पहले या बाद के अक्षरों को देखकर निर्णय न लें। शब्द की वास्तविक रचना और अर्थ को भी देखें।
याद रखने का आसान तरीका:

👉 उपसर्ग = पहले
👉 प्रत्यय = बाद में

2️⃣0️⃣ Quick Revision एवं महत्वपूर्ण बिंदु

📌 उपसर्ग
जो शब्दांश मूल शब्द के पहले जुड़ता है और उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है, वह उपसर्ग कहलाता है।
📌 प्रत्यय
जो शब्दांश मूल शब्द या धातु के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है, वह प्रत्यय कहलाता है।
📌 प्रत्यय के प्रमुख भेद
कृत प्रत्यय और तद्धित प्रत्यय।
🎯 परीक्षा के लिए याद रखें:

उपसर्ग → शब्द के पहले
प्रत्यय → शब्द/धातु के बाद
कृत प्रत्यय → धातु से शब्द निर्माण
तद्धित प्रत्यय → आधार शब्द से नए शब्द निर्माण

⚡ Quick Revision

  • उपसर्ग शब्द के आरंभ में लगाया जाता है।
  • प्रत्यय शब्द या धातु के अंत में लगाया जाता है।
  • उपसर्ग के जुड़ने से मूल शब्द के अर्थ में परिवर्तन या विशेषता आ सकती है।
  • प्रत्यय के जुड़ने से नया शब्द बनता है।
  • प्र, परा, अप, सम्, अनु, अव, उप आदि संस्कृत के प्रमुख उपसर्गों में गिने जाते हैं।
  • बे, बद, ला आदि विदेशी स्रोत से आए उपसर्गों के उदाहरण हैं।
  • कृत प्रत्यय का संबंध धातु से होता है।
  • तद्धित प्रत्यय का संबंध आधार शब्द से होता है।
  • सुंदर + ता = सुंदरता में “ता” प्रत्यय है।
  • अ + योग्य = अयोग्य में “अ” उपसर्ग है।
  • उपसर्ग और प्रत्यय की पहचान केवल अक्षरों से नहीं, शब्द-रचना और अर्थ से करनी चाहिए।

🎯 महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु

1. उपसर्ग शब्द के पहले जुड़ता है।

2. प्रत्यय शब्द या धातु के बाद जुड़ता है।

3. उपसर्ग मूल शब्द के अर्थ में परिवर्तन या विशेषता ला सकता है।

4. प्रत्यय नए शब्द के निर्माण में सहायता करता है।

5. कृत प्रत्यय मुख्यतः धातु से शब्द बनाने से संबंधित है।

6. तद्धित प्रत्यय आधार शब्द से नए शब्द बनाने से संबंधित है।

7. अ, अन, प्र, अनु, उप, अव आदि उपसर्गों के उदाहरण याद रखें।

8. बे, बद आदि विदेशी स्रोत से आए उपसर्गों के उदाहरण हैं।

9. “सुंदरता” में “ता” प्रत्यय है।

10. “अयोग्य” में “अ” उपसर्ग है।

📖 अध्याय सारांश

इस अध्याय में हमने उपसर्ग और प्रत्यय का अध्ययन किया। उपसर्ग मूल शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न कर सकता है, जबकि प्रत्यय शब्द या धातु के अंत में जुड़कर नए शब्द बनाने में सहायता करता है।

प्रत्यय के प्रमुख भेदों में कृत और तद्धित प्रत्यय को समझा जाता है। शब्दों की रचना समझने के लिए उपसर्ग और प्रत्यय की सही पहचान करना आवश्यक है।

इनकी परिभाषाओं, उदाहरणों और शब्द-रचना का नियमित अभ्यास करने से व्याकरण संबंधी प्रश्नों को हल करने में सहायता मिलेगी।

📚 Sunil Learning Point
Hindi Grammar • Complete Chapter Notes • सरल एवं व्यवस्थित अध्ययन

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads Area