🎯 अध्याय 9 — प्रेरणा
UP SuperTET • बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ
Complete Notes & Practice Tests
इस अध्याय में प्रेरणा का अर्थ, प्रकार, विशेषताएँ, अधिगम से संबंध, उपलब्धि प्रेरणा, प्रेरणा को प्रभावित करने वाले कारक, शिक्षक की भूमिका तथा कक्षा में प्रेरणा बढ़ाने के शैक्षिक उपायों का अध्ययन किया गया है।
📑 अध्याय के मुख्य विषय
- प्रेरणा का अर्थ
- प्रेरणा की आवश्यकता एवं महत्त्व
- प्रेरणा की प्रमुख विशेषताएँ
- प्रेरणा के प्रकार
- प्रेरणा और अधिगम
- आवश्यकता, लक्ष्य और प्रेरणा
- प्रेरणा को प्रभावित करने वाले कारक
- उपलब्धि प्रेरणा
- प्रेरणा बढ़ाने के शैक्षिक उपाय
- शिक्षक की भूमिका
- प्रेरणा, ध्यान और स्मृति
- कक्षा में प्रेरणा के उदाहरण
- परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- त्वरित पुनरावृत्ति
- Practice Tests
1️⃣ प्रेरणा का अर्थ
प्रेरणा (Motivation) वह प्रक्रिया है जो व्यक्ति के व्यवहार को किसी लक्ष्य की दिशा में आरंभ करने, बनाए रखने और निर्देशित करने में सहायता करती है।
किसी कार्य को करने के लिए व्यक्ति के भीतर उत्पन्न होने वाली इच्छा, आवश्यकता या उद्देश्य को प्रेरणा से जोड़ा जा सकता है।
शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया में प्रेरणा विद्यार्थी को सीखने के लिए सक्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2️⃣ प्रेरणा की आवश्यकता एवं महत्त्व
अधिगम में केवल जानकारी उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थी में सीखने की इच्छा और लक्ष्य की ओर प्रयास करने की तत्परता भी आवश्यक होती है।
- विद्यार्थी को सीखने के लिए सक्रिय करती है।
- लक्ष्य की दिशा में प्रयास करने में सहायता करती है।
- कक्षा में सहभागिता बढ़ा सकती है।
- सीखने में रुचि बनाए रखने में सहायता करती है।
- कार्य को पूरा करने के लिए प्रयास बनाए रखने में मदद करती है।
- उपलब्धि प्राप्त करने की इच्छा को बढ़ा सकती है।
3️⃣ प्रेरणा की प्रमुख विशेषताएँ
- प्रेरणा व्यवहार को लक्ष्य की दिशा में निर्देशित करती है।
- यह व्यक्ति को कार्य आरंभ करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
- यह प्रयास को बनाए रखने में सहायता कर सकती है।
- प्रेरणा व्यक्ति की आवश्यकता और रुचि से संबंधित हो सकती है।
- व्यक्ति की प्रेरणा अलग-अलग परिस्थितियों में अलग हो सकती है।
- प्रेरणा सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी को प्रभावित करती है।
4️⃣ प्रेरणा के प्रकार
① आंतरिक प्रेरणा
जब व्यक्ति किसी कार्य को अपनी रुचि, जिज्ञासा, संतुष्टि या सीखने की इच्छा के कारण करता है, तो इसे आंतरिक प्रेरणा कहा जाता है।
उदाहरण: विद्यार्थी किसी विषय को इसलिए पढ़ता है क्योंकि उसे उस विषय को समझने में रुचि है।
② बाह्य प्रेरणा
जब किसी कार्य को बाहरी पुरस्कार, प्रशंसा, अंक या अन्य बाहरी परिणाम से प्रेरित होकर किया जाता है, तो इसे बाह्य प्रेरणा कहा जाता है।
उदाहरण: अच्छे अंक प्राप्त करने के उद्देश्य से विद्यार्थी अधिक अभ्यास करता है।
③ सकारात्मक प्रेरणा
प्रशंसा, प्रोत्साहन, उपलब्धि और सकारात्मक परिणाम जैसी चीजें व्यक्ति को कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
④ नकारात्मक प्रेरणा
भय, दंड या नकारात्मक परिणाम से बचने का दबाव भी व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। शिक्षा में सीखने के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण को प्राथमिकता देना उपयोगी है।
5️⃣ प्रेरणा और अधिगम का संबंध
प्रेरणा और अधिगम में महत्वपूर्ण संबंध है। सीखने के लिए विद्यार्थी का सक्रिय प्रयास आवश्यक होता है और प्रेरणा उस प्रयास को शुरू करने तथा बनाए रखने में सहायता कर सकती है।
प्रेरित विद्यार्थी सामान्यतः सीखने की गतिविधियों में अधिक सक्रिय भागीदारी दिखा सकता है। हालांकि अधिगम केवल प्रेरणा पर निर्भर नहीं करता; शिक्षण की गुणवत्ता, पूर्वज्ञान, वातावरण और व्यक्तिगत अंतर भी महत्वपूर्ण हैं।
6️⃣ आवश्यकता, लक्ष्य और प्रेरणा
व्यक्ति की आवश्यकता किसी लक्ष्य की ओर व्यवहार को दिशा दे सकती है। जब व्यक्ति किसी लक्ष्य को महत्वपूर्ण मानता है, तो उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करने की प्रेरणा उत्पन्न हो सकती है।
आवश्यकता → लक्ष्य → प्रयास → उपलब्धि
उदाहरण के लिए, परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने का लक्ष्य विद्यार्थी को नियमित अध्ययन और अभ्यास के लिए प्रेरित कर सकता है।
7️⃣ प्रेरणा को प्रभावित करने वाले कारक
| कारक | प्रेरणा पर संभावित प्रभाव |
|---|---|
| रुचि | रुचिकर विषय में सीखने की भागीदारी बढ़ सकती है। |
| आवश्यकता | आवश्यकता लक्ष्य की ओर प्रयास को प्रभावित कर सकती है। |
| लक्ष्य | स्पष्ट लक्ष्य प्रयास को दिशा दे सकता है। |
| सफलता का अनुभव | सफलता आगे प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। |
| शिक्षक का व्यवहार | सहयोगी और प्रोत्साहनपूर्ण व्यवहार सीखने के वातावरण को बेहतर बना सकता है। |
| परिवार | परिवार का सहयोग विद्यार्थी के प्रयास को प्रभावित कर सकता है। |
| कक्षा वातावरण | सुरक्षित और सहयोगी वातावरण सहभागिता को बढ़ावा दे सकता है। |
| Feedback | उचित feedback विद्यार्थी को अपनी प्रगति समझने में मदद करता है। |
| आत्मविश्वास | अपनी क्षमता में विश्वास प्रयास करने की तत्परता को प्रभावित कर सकता है। |
8️⃣ उपलब्धि प्रेरणा
उपलब्धि प्रेरणा (Achievement Motivation) किसी कार्य में सफलता प्राप्त करने, अच्छे प्रदर्शन करने और निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने की इच्छा से संबंधित है।
कोई विद्यार्थी किसी विषय में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए नियमित अभ्यास करता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करता है।
शिक्षण में विद्यार्थियों को यथार्थवादी और प्राप्त किए जा सकने वाले लक्ष्य देना उपलब्धि की दिशा में प्रयास को बढ़ावा दे सकता है।
9️⃣ प्रेरणा बढ़ाने के शैक्षिक उपाय
- स्पष्ट और प्राप्त किए जा सकने वाले लक्ष्य निर्धारित करें।
- विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार गतिविधियाँ कराएँ।
- उचित समय पर feedback दें।
- विद्यार्थियों को सफलता के अवसर दें।
- कक्षा में सहभागिता के अवसर बढ़ाएँ।
- व्यक्तिगत विभिन्नताओं को ध्यान में रखें।
- सहयोगी और सुरक्षित वातावरण बनाएँ।
- विद्यार्थियों की उपलब्धियों की उचित प्रशंसा करें।
- केवल तुलना करने के बजाय व्यक्तिगत प्रगति पर ध्यान दें।
- गलती को सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानकर सुधार का अवसर दें।
🔟 शिक्षक की भूमिका
शिक्षक विद्यार्थियों में सीखने की प्रेरणा विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- विद्यार्थियों की रुचि और आवश्यकताओं को समझना।
- उचित एवं स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना।
- सीखने को गतिविधि-आधारित और रुचिकर बनाना।
- उचित feedback देना।
- विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने और भाग लेने का अवसर देना।
- व्यक्तिगत विभिन्नताओं का सम्मान करना।
- असफलता के बाद सुधार के अवसर प्रदान करना।
- सकारात्मक और सहयोगी कक्षा वातावरण बनाना।
1️⃣1️⃣ प्रेरणा, ध्यान और स्मृति
प्रेरणा विद्यार्थी का ध्यान सीखने के कार्य की ओर केंद्रित करने में सहायता कर सकती है। जब विद्यार्थी किसी विषय को महत्वपूर्ण या रुचिकर मानता है, तो वह उस विषय पर अधिक सक्रिय रूप से ध्यान दे सकता है।
प्रेरणा ध्यान और प्रयास को प्रभावित कर सकती है, जबकि प्रभावी अधिगम के लिए समझ, अभ्यास, पूर्वज्ञान और उपयुक्त शिक्षण भी आवश्यक हैं।
1️⃣2️⃣ कक्षा में प्रेरणा के उदाहरण
शिक्षक विद्यार्थियों को छोटे और स्पष्ट लक्ष्य देता है तथा लक्ष्य पूरा होने पर उचित feedback देता है।
गणित में कठिन प्रश्नों को छोटे चरणों में बाँटकर विद्यार्थियों को हल करने का अवसर दिया जाता है।
विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार किसी विषय पर प्रस्तुति देने का अवसर दिया जाता है।
गलत उत्तर देने वाले विद्यार्थी को केवल डाँटने के बजाय शिक्षक उसे उत्तर सुधारने का अवसर देता है।
1️⃣3️⃣ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
- प्रेरणा का अंग्रेजी शब्द Motivation है।
- आंतरिक प्रेरणा व्यक्ति की रुचि और आंतरिक संतुष्टि से जुड़ी होती है।
- बाह्य प्रेरणा बाहरी पुरस्कार या परिणाम से जुड़ी होती है।
- प्रेरणा व्यवहार को लक्ष्य की दिशा में निर्देशित कर सकती है।
- प्रेरणा अधिगम में सक्रिय भागीदारी को प्रभावित कर सकती है।
- उपलब्धि प्रेरणा सफलता और लक्ष्य प्राप्ति की इच्छा से संबंधित है।
- रुचि, आवश्यकता और लक्ष्य प्रेरणा को प्रभावित कर सकते हैं।
- शिक्षक का व्यवहार विद्यार्थी की प्रेरणा को प्रभावित कर सकता है।
- सकारात्मक feedback सीखने की प्रक्रिया में उपयोगी हो सकता है।
- व्यक्तिगत विभिन्नताओं को ध्यान में रखकर शिक्षण करना महत्वपूर्ण है।
1️⃣4️⃣ त्वरित पुनरावृत्ति
रुचि + स्पष्ट लक्ष्य + अभ्यास + Feedback + सकारात्मक वातावरण

Do not spam here. All the comments are reviewed by admin.