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कक्षा 12 भौतिक विज्ञान अध्याय 7: प्रत्यावर्ती धारा (महत्वपूर्ण नोट्स)

📈 UP Board Class 12th Physics • भाग-1

अध्याय 7: प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current)

AC मान, प्रतिबाधा, श्रेणी LCR परिपथ, अनुनाद एवं शक्ति गुणांक

1. प्रत्यावर्ती धारा (AC), शिखर मान तथा वर्ग माध्य मूल (RMS) मान

प्रत्यावर्ती धारा: वह विद्युत धारा जिसके परिमाण और दिशा समय के साथ आवर्ती रूप से बदलते रहते हैं, प्रत्यावर्ती धारा कहलाती है (समीकरण: I = I0 sin ωt)।
शिखर मान (Peak Value - I0): धारा या वोल्टता का अधिकतम मान।
वर्ग माध्य मूल मान (RMS Value - Irms): प्रत्यावर्ती धारा का RMS मान उसके शिखर मान का 1√2 गुना होता है (अर्थात् Irms = I0√2 ≈ 0.707 I0)।

2. प्रतिघात (Reactance) तथा प्रतिबाधा (Impedance)

प्रेरकीय प्रतिघात (XL): प्रेरक कुंडली द्वारा धारा के मार्ग में उत्पन्न अवरोध (XL = ωL = 2πfL)।
धारतीय प्रतिघात (XC): संधारित्र द्वारा उत्पन्न अवरोध (XC = 1ωC)।
प्रतिबाधा (Z): LCR परिपथ के कुल प्रभावी प्रतिरोध को प्रतिबाधा कहते हैं:

Z = [R2 + (XL - XC)2]

3. श्रेणी LCR परिपथ और अनुनाद (Resonance)

अनुनाद की स्थिति: जब LCR परिपथ में प्रेरकीय प्रतिघात धारतीय प्रतिघात के बराबर हो जाता है (XL = XC), तो परिपथ की प्रतिबाधा न्यूनतम (केवल R के बराबर) और धारा अधिकतम हो जाती है। इसे अनुनाद कहते हैं।
अनुनादी आवृत्ति (fr):

fr = 12π √(LC)

4. शक्ति गुणांक (Power Factor)

प्रत्यावर्ती परिपथ में व्यय होने वाली औसत शक्ति और आभासी शक्ति के अनुपात को शक्ति गुणांक कहते हैं। इसे cos φ से प्रदर्शित किया जाता है:

cos φ = RZ    (जहाँ R प्रतिरोध और Z प्रतिबाधा है)

5. वाटहीन धारा (Wattless Current)

किसी प्रत्यावर्ती परिपथ में यदि शुद्ध प्रेरकत्व या शुद्ध धारिता जुड़ी हो और परिपथ का प्रतिरोध शून्य हो, तो उसमें प्रवाहित होने वाली धारा के कारण विद्युत शक्ति का व्यय शून्य होता है। इस धारा को वाटहीन धारा कहते हैं (इस स्थिति में शक्ति गुणांक cos φ = 0 होता है)।

6. प्रत्यावर्ती धारा जनित्र (AC Generator / Dynamo)

यह एक ऐसा यंत्र है जो यांत्रिक ऊर्जा को प्रत्यावर्ती विद्युत ऊर्जा में बदलता है। यह **वैद्युतचुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत** पर कार्य करता है। जब किसी शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र में कुंडली को घुमाया जाता है, तो उससे बद्ध फ्लक्स में परिवर्तन के कारण प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है।

7. ट्रांसफॉर्मर (Transformer)

यह अन्योन्य प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करने वाला एक ऐसा उपकरण है जो प्रत्यावर्ती विभव के मान को कम या अधिक करता है (यह केवल AC पर कार्य करता है, DC पर नहीं)।
उचचायी ट्रांसफॉर्मर (Step-up): यह कम वोल्टेज को अधिक वोल्टेज में बदलता है।
अपचायी ट्रांसफॉर्मर (Step-down): यह अधिक वोल्टेज को कम वोल्टेज में बदलता है।

VsVp = NsNp = IpIs = r (परिणमन अनुपात)
Sunil Learning Point • अध्याय 7 समाप्त अगला अध्याय (अध्याय 8) ➔
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