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UP Board Class 10 संस्कृत व्याकरण – संधि की परिभाषा, यण एवं वृद्धि संधि

संधि – परिभाषा, यण एवं वृद्धि संधि

संधि संस्कृत व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है। UP Board Class 10 Sanskrit Vyakaran में संधि से संबंधित प्रश्न परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस पोस्ट में संधि की परिभाषा तथा यण संधि और वृद्धि संधि को सरल भाषा में नियम एवं उदाहरण सहित समझाया गया है।

कक्षा 10 के लिए महत्वपूर्ण:
संधि की परिभाषा, संधि के नियम, संधि-विच्छेद तथा यण एवं वृद्धि संधि के उदाहरण परीक्षा के लिए अच्छी तरह तैयार करें।

संधि किसे कहते हैं?

दो वर्णों के पास-पास आने पर उनके मेल से होने वाले परिवर्तन को संधि कहते हैं।

सरल भाषा में:
दो वर्णों के मिलने पर उनके रूप में जो परिवर्तन होता है, उसे संधि कहते हैं।

संधि-विच्छेद किसे कहते हैं?

संधि के द्वारा बने हुए शब्द को उसके मूल शब्दों या वर्णों में अलग करने की प्रक्रिया को संधि-विच्छेद कहते हैं।

उदाहरण:

इति + आदि = इत्यादि
यहाँ ‘इति’ और ‘आदि’ के मेल से ‘इत्यादि’ शब्द बना है।

महा + औषधि = महौषधि
यहाँ ‘महा’ और ‘औषधि’ के मेल से ‘महौषधि’ शब्द बना है।

संधि के प्रमुख भेद

संस्कृत व्याकरण में संधि के प्रमुख भेद निम्नलिखित हैं—

  1. स्वर संधि
  2. व्यंजन संधि
  3. विसर्ग संधि

कक्षा 10 के स्तर पर इस पोस्ट में मुख्य रूप से यण संधि एवं वृद्धि संधि का अध्ययन किया जा रहा है।

1. यण संधि

जब इ, ई, उ, ऊ तथा ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आता है, तो क्रमशः य्, व् तथा र् आदेश हो जाता है। इस परिवर्तन को यण संधि कहते हैं।

यण संधि का नियम:

इ / ई + अन्य स्वर → य्
उ / ऊ + अन्य स्वर → व्
ऋ + अन्य स्वर → र्

यण संधि के उदाहरण

संधि शब्द संधि-विच्छेद परिवर्तन
इत्यादि इति + आदि इ + आ → या
अत्याचार अति + आचार इ + आ → या
अत्यधिक अति + अधिक इ + अ → य
अभ्युदय अभि + उदय इ + उ → यु
अन्वेषण अनु + एषण उ + ए → वे
स्वागत सु + आगत उ + आ → वा

यण संधि की पहचान

यण संधि को पहचानने के लिए यह देखें कि पहले शब्द के अंत में इ, ई, उ, ऊ या ऋ हो और उसके बाद कोई दूसरा स्वर आए। ऐसी स्थिति में क्रमशः य्, व् या र् का परिवर्तन दिखाई देता है।

याद रखने की आसान ट्रिक:

इ, ई → य्
उ, ऊ → व्
ऋ → र्

2. वृद्धि संधि

जब अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो तथा ओ या औ आए तो हो जाता है। इस परिवर्तन को वृद्धि संधि कहते हैं।

वृद्धि संधि का नियम:

अ / आ + ए / ऐ →
अ / आ + ओ / औ →

वृद्धि संधि के उदाहरण

संधि शब्द संधि-विच्छेद परिवर्तन
सदैव सदा + एव आ + ए → ऐ
मतैक्य मत + ऐक्य अ + ऐ → ऐ
महैश्वर्य महा + ऐश्वर्य आ + ऐ → ऐ
वनौषधि वन + औषधि अ + औ → औ
महौषधि महा + औषधि आ + औ → औ
जलौघ जल + ओघ अ + ओ → औ

यण और वृद्धि संधि में अंतर

आधार यण संधि वृद्धि संधि
मुख्य स्वर इ, ई, उ, ऊ, ऋ अ, आ
परिवर्तन य्, व्, र् ऐ, औ
उदाहरण इति + आदि = इत्यादि सदा + एव = सदैव

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1. संधि किसे कहते हैं?

उत्तर: दो वर्णों के पास-पास आने पर उनके मेल से होने वाले परिवर्तन को संधि कहते हैं।

प्रश्न 2. संधि-विच्छेद किसे कहते हैं?

उत्तर: संधि द्वारा बने शब्द को उसके मूल शब्दों या वर्णों में अलग करने की प्रक्रिया को संधि-विच्छेद कहते हैं।

प्रश्न 3. यण संधि किसे कहते हैं?

उत्तर: जब इ, ई, उ, ऊ तथा ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आता है, तो क्रमशः य्, व् तथा र् आदेश हो जाता है। इस परिवर्तन को यण संधि कहते हैं।

प्रश्न 4. वृद्धि संधि किसे कहते हैं?

उत्तर: जब अ या आ के बाद ए या ऐ आए तो ऐ तथा ओ या औ आए तो औ हो जाता है। इस परिवर्तन को वृद्धि संधि कहते हैं।

प्रश्न 5. ‘इत्यादि’ का संधि-विच्छेद कीजिए।

उत्तर: इति + आदि = इत्यादि। इसमें यण संधि है।

प्रश्न 6. ‘सदैव’ का संधि-विच्छेद कीजिए।

उत्तर: सदा + एव = सदैव। इसमें वृद्धि संधि है।

प्रश्न 7. ‘महौषधि’ में कौन-सी संधि है?

उत्तर: महा + औषधि = महौषधि। इसमें वृद्धि संधि है।

प्रश्न 8. ‘अत्याचार’ का संधि-विच्छेद कीजिए।

उत्तर: अति + आचार = अत्याचार। इसमें यण संधि है।

अभ्यास प्रश्न

निम्नलिखित शब्दों का संधि-विच्छेद करके संधि का नाम लिखिए—

  1. इत्यादि
  2. अत्याचार
  3. अत्यधिक
  4. अभ्युदय
  5. अन्वेषण
  6. स्वागत
  7. सदैव
  8. मतैक्य
  9. महैश्वर्य
  10. वनौषधि
  11. महौषधि
  12. जलौघ

एक नजर में याद करें

यण संधि:

इ / ई + स्वर → य्

उ / ऊ + स्वर → व्

ऋ + स्वर → र्

उदाहरण: इति + आदि = इत्यादि


वृद्धि संधि:

अ / आ + ए / ऐ → ऐ

अ / आ + ओ / औ → औ

उदाहरण: सदा + एव = सदैव

निष्कर्ष

संधि संस्कृत व्याकरण का महत्वपूर्ण अध्याय है। कक्षा 10 के विद्यार्थियों को संधि की परिभाषा के साथ-साथ संधि-विच्छेद और उसके नियमों का अभ्यास करना चाहिए। विशेष रूप से यण संधि और वृद्धि संधि के नियम एवं उदाहरण परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

Exam Tip:
यण संधि में इ, ई, उ, ऊ तथा ऋ पर विशेष ध्यान दें। वृद्धि संधि में अ या आ के बाद आने वाले ए, ऐ, ओ और औ को देखकर संधि की पहचान करें। संधि-विच्छेद करते समय पहले यह पहचानें कि शब्द में कौन-सा स्वर परिवर्तन हुआ है।

Sunil Learning Point
Class 10 Sanskrit Vyakaran Notes

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