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UP Board Class 10 संस्कृत धातु रूप – पठ्, हस्, दृश् एवं पच् के सभी रूप

UP Board Class 10 संस्कृत व्याकरण – धातु रूप

धातु वह मूल शब्द है जिससे किसी कार्य या क्रिया का बोध होता है। संस्कृत भाषा में धातुओं के अलग-अलग पुरुष, वचन और लकार के अनुसार विभिन्न रूप बनते हैं। कक्षा 10 की संस्कृत परीक्षा में धातु-रूप का विशेष महत्व है।

इस पोस्ट में कक्षा 10 के लिए महत्वपूर्ण पठ्, हस्, दृश् एवं पच् धातुओं के लट् लकार (वर्तमान काल) के रूप दिए गए हैं।

महत्वपूर्ण: धातु-रूपों को याद करते समय पुरुष और वचन का विशेष ध्यान रखें। परीक्षा में धातु-रूप लिखने तथा पहचानने से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

1. पठ् धातु रूप – पढ़ना

पठ् धातु का अर्थ पढ़ना है। पठ् धातु के लट् लकार अर्थात् वर्तमान काल के रूप निम्नलिखित हैं।

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पठति पठतः पठन्ति
मध्यम पुरुष पठसि पठथः पठथ
उत्तम पुरुष पठामि पठावः पठामः

2. हस् धातु रूप – हँसना

हस् धातु का अर्थ हँसना है। हस् धातु के लट् लकार अर्थात् वर्तमान काल के रूप निम्नलिखित हैं।

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष हसति हसतः हसन्ति
मध्यम पुरुष हससि हसथः हसथ
उत्तम पुरुष हसामि हसावः हसामः

3. दृश् धातु रूप – देखना

दृश् धातु का अर्थ देखना है। लट् लकार में दृश् धातु के रूप पश्य से बनते हैं।

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पश्यति पश्यतः पश्यन्ति
मध्यम पुरुष पश्यसि पश्यथः पश्यथ
उत्तम पुरुष पश्यामि पश्यावः पश्यामः

4. पच् धातु रूप – पकाना

पच् धातु का अर्थ पकाना है। पच् धातु के लट् लकार अर्थात् वर्तमान काल के रूप निम्नलिखित हैं।

पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुरुष पचति पचतः पचन्ति
मध्यम पुरुष पचसि पचथः पचथ
उत्तम पुरुष पचामि पचावः पचामः

पुरुष और वचन को आसानी से समझें

  • प्रथम पुरुष – जिसके बारे में बात की जा रही हो।
  • मध्यम पुरुष – जिससे बात की जा रही हो।
  • उत्तम पुरुष – बोलने वाला स्वयं।
  • एकवचन – एक व्यक्ति या वस्तु।
  • द्विवचन – दो व्यक्ति या वस्तुएँ।
  • बहुवचन – दो से अधिक व्यक्ति या वस्तुएँ।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • धातु-रूप लिखते समय पुरुष और वचन का विशेष ध्यान रखें।
  • एकवचन, द्विवचन और बहुवचन के रूपों को अलग-अलग याद करें।
  • प्रथम, मध्यम और उत्तम पुरुष के रूपों का नियमित अभ्यास करें।
  • पठ्, हस्, दृश् और पच् धातुओं के रूप लिखने का अभ्यास करें।
  • दृश् धातु के लट् लकार के रूप पश्य से बनते हैं।
  • दिए गए धातु-रूप से उसका पुरुष और वचन पहचानने का अभ्यास करें।

त्वरित पुनरावृत्ति

पठ् = पढ़ना   |   हस् = हँसना   |   दृश् = देखना   |   पच् = पकाना

इन सभी धातुओं के ऊपर दिए गए रूप लट् लकार (वर्तमान काल) के हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धातु किसे कहते हैं?

जिस मूल शब्द से किसी कार्य या क्रिया का बोध होता है, उसे धातु कहते हैं।

पठ् धातु का अर्थ क्या है?

पठ् धातु का अर्थ पढ़ना है।

हस् धातु का अर्थ क्या है?

हस् धातु का अर्थ हँसना है।

दृश् धातु का अर्थ क्या है?

दृश् धातु का अर्थ देखना है।

पच् धातु का अर्थ क्या है?

पच् धातु का अर्थ पकाना है।

Sunil Learning Point
UP Board Class 10 संस्कृत व्याकरण
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