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UP Board Class 10 हिन्दी व्याकरण – अलंकार की परिभाषा, प्रकार एवं उदाहरण

अलंकार – परिभाषा, प्रकार एवं उदाहरण

अलंकार हिन्दी काव्य का एक महत्वपूर्ण सौन्दर्य तत्व है। UP Board Class 10 Hindi Vyakaran में अलंकार से संबंधित प्रश्न परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इस पोस्ट में अलंकार की परिभाषा, प्रमुख प्रकार, महत्वपूर्ण अलंकार तथा उनके उदाहरण को सरल भाषा में समझाया गया है।

कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण:
अलंकार की परिभाषा, उसके प्रमुख भेद तथा उदाहरणों को अच्छी तरह याद करें। परीक्षा में दिए गए काव्यांश में अलंकार पहचानने का अभ्यास भी करें।

अलंकार किसे कहते हैं?

काव्य की शोभा बढ़ाने वाले शब्दों अथवा अर्थों के विशेष प्रयोग को अलंकार कहते हैं।

सरल शब्दों में: जिस प्रकार आभूषण शरीर की सुंदरता बढ़ाते हैं, उसी प्रकार अलंकार काव्य की सुंदरता और प्रभाव को बढ़ाते हैं।

याद रखने की आसान बात:
अलंकार = काव्य की शोभा बढ़ाने वाला तत्व

अलंकार के प्रमुख भेद

अलंकार के मुख्य रूप से तीन भेद माने जाते हैं—

  • शब्दालंकार
  • अर्थालंकार
  • उभयालंकार

1. शब्दालंकार

जहाँ शब्दों के विशेष प्रयोग से काव्य की शोभा बढ़ती है और शब्द बदल देने पर अलंकार का प्रभाव समाप्त हो जाता है, वहाँ शब्दालंकार होता है।

प्रमुख शब्दालंकार: अनुप्रास, यमक, श्लेष आदि।

2. अर्थालंकार

जहाँ अर्थ के विशेष प्रयोग से काव्य की शोभा बढ़ती है, वहाँ अर्थालंकार होता है।

प्रमुख अर्थालंकार: उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति आदि।

3. उभयालंकार

जहाँ शब्द और अर्थ दोनों के विशेष प्रयोग से काव्य की शोभा बढ़ती है, वहाँ उभयालंकार होता है।

कक्षा 10 के लिए महत्वपूर्ण अलंकार

1. अनुप्रास अलंकार

जहाँ एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति होती है, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।

उदाहरण: चारु चंद्र की चंचल किरणें।

इस उदाहरण में ‘च’ वर्ण की बार-बार आवृत्ति हुई है, इसलिए यहाँ अनुप्रास अलंकार है।

पहचान: एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति दिखाई दे तो अनुप्रास अलंकार समझें।

2. उपमा अलंकार

जहाँ किसी वस्तु, व्यक्ति या स्थान की तुलना किसी दूसरी वस्तु या व्यक्ति से की जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है।

उपमा अलंकार में सा, सी, से, समान, जैसा, जैसे आदि शब्द अक्सर दिखाई देते हैं।

उदाहरण: मुख चंद्रमा के समान सुंदर है।

यहाँ मुख की तुलना चंद्रमा से की गई है, इसलिए यहाँ उपमा अलंकार है।

पहचान: तुलना दिखाई दे तो सबसे पहले उपमा अलंकार पर ध्यान दें।

3. रूपक अलंकार

जहाँ उपमेय में उपमान का सीधा आरोप कर दिया जाता है, वहाँ रूपक अलंकार होता है।

उदाहरण: चरण-कमल बंदौं हरि राई।

यहाँ चरणों को सीधे कमल कहा गया है, इसलिए यहाँ रूपक अलंकार है।

पहचान: जब किसी वस्तु को सीधे दूसरी वस्तु के रूप में प्रस्तुत किया जाए, तो रूपक अलंकार होता है।

4. उत्प्रेक्षा अलंकार

जहाँ किसी वस्तु में दूसरी वस्तु की संभावना या कल्पना की जाती है, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।

इसमें मानो, जैसे, जनु, जानो आदि शब्दों का प्रयोग अक्सर मिलता है।

उदाहरण: मानो आकाश में तारे फूल हों।

यहाँ तारों को फूल होने की कल्पना की गई है, इसलिए उत्प्रेक्षा अलंकार है।

5. अतिशयोक्ति अलंकार

जहाँ किसी वस्तु या व्यक्ति का वर्णन बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर किया जाता है, वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

उदाहरण: हनुमान ने एक ही छलांग में समुद्र पार कर लिया।

यहाँ कथन को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया है, इसलिए अतिशयोक्ति अलंकार है।

6. यमक अलंकार

जहाँ एक ही शब्द का एक से अधिक बार प्रयोग हो और प्रत्येक बार उसका अर्थ अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।

उदाहरण: कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय।

यहाँ ‘कनक’ शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है और दोनों स्थानों पर उसके अर्थ अलग हैं।

7. श्लेष अलंकार

जहाँ एक ही शब्द से एक से अधिक अर्थ निकलते हैं, वहाँ श्लेष अलंकार होता है।

उदाहरण: रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।

इसमें ‘पानी’ शब्द के अलग-अलग अर्थों का संकेत मिलता है, इसलिए यहाँ श्लेष अलंकार का उदाहरण माना जाता है।

अलंकार पहचानने की आसान ट्रिक

अलंकार पहचान
अनुप्रास एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति
उपमा किसी वस्तु या व्यक्ति की तुलना
रूपक उपमेय पर उपमान का सीधा आरोप
उत्प्रेक्षा संभावना या कल्पना
अतिशयोक्ति बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन
यमक एक शब्द की पुनरावृत्ति, अर्थ अलग
श्लेष एक शब्द से अनेक अर्थ

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1. अलंकार किसे कहते हैं?

उत्तर: काव्य की शोभा बढ़ाने वाले शब्दों अथवा अर्थों के विशेष प्रयोग को अलंकार कहते हैं।

प्रश्न 2. अलंकार के प्रमुख भेद कौन-कौन से हैं?

उत्तर: शब्दालंकार, अर्थालंकार और उभयालंकार अलंकार के प्रमुख भेद हैं।

प्रश्न 3. अनुप्रास अलंकार किसे कहते हैं?

उत्तर: जहाँ एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति होती है, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।

प्रश्न 4. उपमा अलंकार किसे कहते हैं?

उत्तर: जहाँ किसी वस्तु या व्यक्ति की तुलना किसी दूसरी वस्तु या व्यक्ति से की जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है।

प्रश्न 5. रूपक अलंकार किसे कहते हैं?

उत्तर: जहाँ उपमेय में उपमान का सीधा आरोप कर दिया जाता है, वहाँ रूपक अलंकार होता है।

प्रश्न 6. उत्प्रेक्षा अलंकार किसे कहते हैं?

उत्तर: जहाँ किसी वस्तु में दूसरी वस्तु की संभावना या कल्पना की जाती है, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।

प्रश्न 7. अतिशयोक्ति अलंकार किसे कहते हैं?

उत्तर: जहाँ किसी वस्तु या व्यक्ति का वर्णन बहुत बढ़ा-चढ़ाकर किया जाता है, वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

प्रश्न 8. यमक अलंकार किसे कहते हैं?

उत्तर: जहाँ एक ही शब्द का एक से अधिक बार प्रयोग हो और प्रत्येक बार उसका अर्थ अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।

प्रश्न 9. श्लेष अलंकार किसे कहते हैं?

उत्तर: जहाँ एक ही शब्द से एक से अधिक अर्थ निकलते हैं, वहाँ श्लेष अलंकार होता है।

एक नजर में याद करें

अलंकार → काव्य की शोभा बढ़ाने वाला तत्व

अनुप्रास → वर्ण की पुनरावृत्ति

उपमा → तुलना

रूपक → सीधा आरोप

उत्प्रेक्षा → संभावना / कल्पना

अतिशयोक्ति → बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन

यमक → शब्द की पुनरावृत्ति, अर्थ अलग

श्लेष → एक शब्द, अनेक अर्थ

निष्कर्ष

अलंकार काव्य को सुंदर, प्रभावशाली और आकर्षक बनाने वाला महत्वपूर्ण तत्व है। कक्षा 10 के विद्यार्थियों को अलंकार की परिभाषा, प्रमुख भेद तथा अनुप्रास, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, यमक और श्लेष के लक्षण एवं उदाहरण अच्छी तरह तैयार करने चाहिए।

Exam Tip:
अलंकार पहचानते समय पहले यह देखें कि पंक्ति में वर्ण की पुनरावृत्ति, तुलना, सीधा आरोप, कल्पना, बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन या एक शब्द के अनेक अर्थ दिए गए हैं। इससे अलंकार पहचानना आसान हो जाएगा।

Sunil Learning Point
Class 10 Hindi Vyakaran Notes

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